
उरई। डा. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया जिला इकाई जालौन के तत्वावधन में बीआरडी मेडिकल कालेज, गोरखपुर मे सरकार के द्वारा बजट न देने पर ऑक्सीजन के अभाव मे 84 बच्चों की मृत्यु हो जाने पर कैंडिल मार्च का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिये बयान कि अगस्त माह में बच्चों की मौत होती है के विरोध हेतु कैंडिल मार्च के साथ कालीपट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया गया।
इस अवसर डास्फी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप गौतम ने कहा कि जो सरकार गाय बछड़े के मर जाने पर हल्ला मचाती है वह 84 मासूम बच्चों की हत्या करने के बाद भी शांत है। मोदी हर बात पर ट्वीट करते है लेकिन बच्चों की मृत्यु पर बिलकुल शांत हैं क्योंकि यह हत्या इनकी सरकार ने ही की है। एबीबीएस के जिला संयोजक सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि 84 बच्चों की मृत्यु मुख्यमंत्री के गृह जनपद में हुई है इसलिए बिना किसी बहाने के तुरंत योगी इस्तीफा दे क्योंकि यह जानबूझकर किया गया जनसंहार है। संगठन के प्रदेश प्रचारक राजीव भाटिया ने कहा कि आज पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों का सिर शर्म से झुक गया क्योंकि आज पूरा विश्व कोस रहा है और सरकार संवेदनहीन होकर केवल कार्यवाही की बात कर रही ह।ै इस घटना पर डास्फी परिवार शोकाकुल परिवार के डीयूकेएच मे शरीक है। डास्फी मण्डल अध्यक्ष उमाकांत धूरिया ने कहा कि यह घटना मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली घटना है और सरकार ऑक्सीजन की कमी को बच्चो की मृत्यु नहीं मान रही है जो बेहद शर्मनाक है। डास्फी के जिलाध्यक्ष संजय चैधरी ने कहा कि तीन अगस्त को ही कंपनी ने बता दिया था कि दस लाख से अधिक की ऑक्सीजन हम उधारी पर नही दे सकते है लेकिन सरकार ने इसके बाद भी कंपनी को बजट नहीं दिया जिसकी वजह से हमने मासूम बच्चो को खो दिया। इस अवसर पर अंजू चैधरी प्रदेश सचिव, प्रदीप गौतम जिला संयोजक, योगेश गौतम जिला उपाध्यक्ष, मनीष आनन्द पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डास्फी, मिस्टर सिंह धम्मभूमि, केके शिरोमणि, इरफान अंसारी पूर्व जिलाध्यक्ष डास्फी आदि ने विचार रखे। इस अवसर पर अनुज गौतम, मोहित बाबू, अभिषेक गौतम, प्रदीप गौतम, सौरभ गौतम, शैलेन्द्र गौतम, दीपेंद्र सिंह, महेश गौतम, अनिल जाटव, रवि शंकर, अजित कुमार जाटव, शैलेन्द्र गौतम, दीपेंद्र सिंह, महेश गौतम, अनिल जाटव, भावना गौतम बविता वर्मा रवि शंकर, हिमांशु सागर आदि लोग उपस्थित रहे।







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