जालौन-उरई । करीब दस वर्ष पूर्व दुकान पर मजदूरी करने वाले लड़के को दुकानदार व उसके पुत्र सहित एक अज्ञात युवक द्वारा मारपीट कर उसकी हत्या करने एवं शव को यमुना नदी में बहा देने के मामले में पीड़ित मां की गुहार पर न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शाहगंज निवासी अंजुम बेबा मसीदउल्ला का पुत्र रिजवान करीब 15 वर्ष पूर्व सब्जी मंडी में राजाराम की दुकान पर मजूदरी का कार्य करता था। राजाराम पर आरोप है कि उसने कुछ सालों तक अंजुम के पुत्र को ठीक ढंग से रखा। इसके बाद वह उसे आए दिन मारपीट कर प्रताड़ित करने लगा। कई बार समझाने के बावजूद उसकी आदतों में सुधार नहीं हुआ। उसकी आदतों से तंग आकर जब उसके पुत्र ने उसकी दुकान से काम छोड़ना चाहा एवं इसकी शिकायत की तो राजाराम व उसके पुत्र पप्पू ने उसे काफी मारापीटा व उसके पुत्र को गायब कर दिया। पीड़िता की मां के अनुसार उसने इसकी शिकायत कई बार कोतवाली पुलिस में की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसे अक्टूबर 2016 में एक व्यक्ति ने बताया कि राजाराम व उसके उसके पुत्र द्वारा रिजवान की मारपीट करते समय मौत हो गई थी। जिसके बाद किसी को शव के बारे में पता न चले इसलिए राजारात व उसके पुत्र के साथ एक अज्ञात युवक ने रिजवान के शव को यमुना नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने कोतवाली पुलिस सहित उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। परंतु कोई कार्रवाई करना तो दूर रहा उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। जिसके चलते उक्त घटना के करीब 10 वर्षों बाद न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में मामला पंजीकृत किया गया।





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