
कुठौंद(उरई )। सूखे की समस्या से जूझ रही फसलों को अन्ना पशुओं की फौज से बचाने की किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है।
खंड विकास अधिकारीकुठौंद को दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्राम नौरेजपुर के किसान जयचंद सिंह के अलावा नाहिली, मदनेपुर, पीपरी, मालपुर आदि तमाम गांव के किसानों का कहना था कि जहां उन्हें एक ओर सूखे की समस्या से जूझना पड़ रहा है वहीं जैसे तैसे खरीफ फसलों की बुबाई की थी लेकिन गाय बछड़ा जैसे अन्ना जानवर उनकी फसलों के लिए काल साबित हो रहे है। फसलों को अन्ना जानवरों से बचाने के लिए उन्हें दिन रात फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है और जरा सी नजर चूकते ही गाय बछड़ों के झुंड उनकी फसलों पर टूट पड़ते है और कुछ ही देर में खेत के खेत साफ कर देते है। उन्होंने अन्ना पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर समय रहते अन्ना पशुओं पर रोक न लगाई गई तो किसान भुखमरी की स्थिति में पहुंचने के साथ-साथ आत्महत्याएं करने को मजबूर हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रोमई मुस्तिकल ग्राम पंचायत के अंतर्गत तमाम सरकारी जंगली क्षेत्र पड़ा हुआ है जिसमें गौशाला खुलवाकर इस समस्या का हल किया जा सकता है। उन्होने चेतावनी दी कि अगर अन्ना पशुओं पर रोक न लगाई तो क्षेत्र के किसान धरना प्रदर्शन आंदोलन के साथ ही आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाएगे।
फोटो परिचय- ज्ञापन देते किसान
फोटो नंबर- 3





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