उरई। आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आज  शिक्षक शिक्षामित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक तिरंगा यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को सौपा।

पिछले दो दिनों से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना दे रहे नौकरी के बाहर किए गए शिक्षामित्रों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए अनौखा तरीका अपनाया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक तिरंगा यात्रा निकाली। संगठन के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिं विश्वकर्मा, मंत्री राधाकृष्ण द्विवेदी, के अलावा ब्रजेश कुमार, दीपा पाल, रूबी देवी, कमला देवी, प्रतिभा, अंगूरी, मंजू, दीपक कुमार, आंनद परिहार, रागिनी, किरन देवी, क्षमा त्रिपाठी, नीलम, अजय कुमार, शिवपाल, अरविंद, निशा, रामसजीवन, भानुप्रताप, दीपमाला, रजनी देवी, बीना देवी, राधापाल, करन सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, पूरनलाल, विपिन कुमार, नरेन्द्र सिंह, ज्योति गुप्ता, अंजूलता, पूजा वर्मा, आराधना देवी, पार्वती, भानुप्रताप, राजकुमारी, अशोक कुमार, नीरज सिंह, संतोषी देवी, नीलम, अरूण कुमार, महावीर पाल, प्रियंका, ठाकुददा, प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह, ममता सिंह, पूनम द्विवेदी, शीतला देवी, रामकुमारी, स्वाती सिंह, राजेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, गीता देवी, आरती, पूजा देवी, साधना सिंह, नम्रता आदि सैकड़ों शिक्षामित्रों ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया। तिरंगा यात्रा में शामिल शिक्षामित्रों की भीड़ के चलते रोड पर वनबे की स्थिति रही। जिसके कारण आवागमन में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रा में शामिल लोग मेरा रंगदे बंसती चोला जैसे राष्ट्र भक्ति के गीतों पर थिरकते एवं ताली बजाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा में महिलाओं शिक्षामित्रों की भारी भीड़ रही। जिसके चलते करीब पांच सौ मीटर तक लंबी तिरंगा यात्रा के कारण जाम की भी स्थिति देखी गई। कलेक्टेªट पहुंचे शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौपा। जिसमें मांग की गई है कि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में तत्कालिक रूप से सरकार द्वारा नया अध्यादेश लाकर कानून बनाया जाए जिसमें 1.72 लाख शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर बने रहे। नया अध्यादेश लाये जाने तक प्रदेश के समायोजित शिक्षकों/शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद के बराबर समान कार्य, समान वेतन दिया जाए। जिलाधिकारी को दिए गए एक अन्य ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने बताया कि समायोजित शिक्षामित्र प्रतिभा कुमारी जायघा ने नौकरी जाने के बाद आर्थिक कारणों से आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता की मांग की है।

 

 

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