उरई। जगम्मनपुर में हुई खूनी डकैती को पुलिस बीस दिन बाद भी नहीं खोल पाई है। हैरानी की बात यह है कि पीडि़तों द्वारा कई संदिज्धों के बारे में बताए जाने के बावजूद पुलिस ने उनसे पूछताछ करना गवारा नहीं समझा है। एसपी ने इस मामले में इलाकाई पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं।

मालूम हो कि रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर निवासी अधिवक्ता सुबोध पांडेय के यहां 31 जुलाई की रात को अज्ञात डकैतों ने धावा बोलकर बीस लाख के जेवरात समेत पच्चीस लाख की डकैती कर दी थी। यही नहीं अधिवक्ता सुबोध पांडेय के भाई सुरजीत पांडेय (42) पुत्र सूरज प्रसाद पांडेय को धारदार हथियार मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। इस डकैती की जानकारी मिलने पर पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया था। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस मामले में लापरवाही मिलने पर जगम्मनपुर चौकी इंचार्ज रजनीश कटियार को लाइन हाजिर कर  उस इलाके में ड्यूटी करने वाली डायल 100 के दो सिपाहियों हरीशंकर व राशिद आलम को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा अधिवक्ता के घर पर आने जाने वाले लोगों के मोबाइल नंबर की डिटेल भी खंगाली थी।

दो दिन तक इस मामले में सक्रियता निभाने के बाद पुलिस सुस्त पड़ गई। अब बीस दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिली है। पीडि़त अधिवक्ता सुबोध पांडेय, सतीश पांडेय, सुरजीत पांडेय व अन्य परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन उन्होंने करीब ढाई लाख रुपए का अनाज मंडी में बेचा था। इसकी जानकारी गांव के ही कुछ लोगों को भी थी। इसके बारे में उन्होंने पुलिस को भी बताया था। बावजूद इसके पुलिस ने उन लोगों ने पूछताछ नहीं की है। जबकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी तो उन्होंने थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार तथा सीओ को जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। अब तक घटना का खुलासा न होने के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने रतजगा करना शुरु कर दिया है।

 

 

 

 

जहां नजर दौड़ाई, कमियां ही कमियां नजर आई

डीआरएम की नजरों ने छिप नहीं सकी खामियां

किसी को निलंबित करने को किसी को जेल भेजने की दी चेतावनी

खानपान व विकलांग सुविधाएं रहीं निशाने पर

उरई। उरई रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जहां भी नजर दौड़ाई। खामियां ही खामियां नजर आई। नाराज डीआरएम ने किसी को निलंबित करने तो किसी को जेल भेजने की भी चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान विकलांगों की सुविधाएं व खानपान स्टाल उनके विशेष निशाने पर रहे। डीआरएम के तेवर देखकर अधिकारी बंगले झांकते नजर आए।

झांसी मंडल के डीआरएम एके मिश्रा एडीएसटीई के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन करने आए थे। पुणे लखनऊ एक्सप्रेस से करीब 12.40 पर उरई स्टेशन पहुंचे डीआरएम ने ट्रेन से उतरते ही तेवर दिखाने शुरु कर दिए। सबसे पहले शौचालय के बंद दरवाजे को खुद खोलकर उसे देखा। इसके बाद विकलांगों के लिए वाटरबूथ की लंबाई को लेकर अधिकारियों को क्लास लगाते हुए इसे जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। 13 नंबर वाटरबूथ में नल की जगह पर लकड़ी की गुल्ली लगी होने पर नाराजगी जताते हुए इसे जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। शीतल पानी वाले वाटरबूथ पर ठंडा पानी के बारे में देखा।

अमूल की कैंटीन पर रेट लिस्ट को देखकर संचालक से पूछा कि प्रिंट रेट पर ही सामान के बारे में जानकारी ली। फास्ट ट्रैक कैंटीन पर कुरकुरे व नमकीन के पैकेट पर लिखे प्रिंट को बारीकी से देखकर उसकी फोटो खींचने को कहा। एनके शर्मा की कैंटीन पर पहुंचकर अर्थारिटी को देखकर कहा कि क्या क्या सामान बेचते हो और क्या नहीं बेचते हो। सीसीआई से इस बारे  में पूछताछ करते हुए सामान के बारे में स्पष्ट लिखने के निर्देश दिए। डीआरएम ने मातहतों से कहा कि आए दिन यह मामला कई जगह उनके संज्ञान में आया है। इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई करें।

इसके बाद जब आरपीएफ थाने के आगे बने शौचालय में एक बाबा को देखकर नाराजगी जताई। प्लेटफार्म पर बने एक कमरे में जीआरपी का कब्जा होने की जानकारी मिलने पर आरपीएफ को तत्काल खाली कराने को कहा। वेटिंग रुप में विकलांगों के लिए बने प्रसाधन को भी देखा। वेटिंग रुम की स्थिति भी देखी। इस दौरान सीसीआई को निर्देश दिया कि स्टेशन पर रखे कूड़ेदान में सूखा और गीला कूड़ा डालने के अलग अलग कूड़ेदान रखे और उसमें नोटिस भी लगाए।

इस दौरान पत्रकारवार्ता में कहा कि विकलांगों के लिए फुटओवर ब्रिज पर रैंप पास हो गया है। इसे रेलवे दोहरीकरण के दौरान पूरा कर दिया जाएगा। दिल्ली तक सीधी ट्रेन के सवाल पर कहा कि दोहरीकरण के पहले यह काम मुश्किल है। अक्टूबर तक झांसी से पारीछा तक दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके मंडल में सिर्फ कानपुर सेक्शन व खजुराहो सेक्शन में वीआईपी रेस्ट हाउस नहीं है। इसके लिए उन्होंने छतरपुर तथा उरई में वीआईपी रेस्ट हाउस बनाने को प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है।

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कूलर ठेके के कागजात किए तलब

उरई। स्टेशन अधीक्षक के कमरे में कूलर न लगा होने पर डीआरएम एकदम भडक़ गए। उन्होंने एसएसई पीडी निरंजन से कूलर लगाने से संबंधित ठेके के बारे में पूछताछ करते हुए उसके कागजात दिखाने को कहा। कागजात में जुलाई माह से कूलर लगाना दिखाया गया है। जबकि अगस्त तक कूलर नहीं लगे थे। इसे डीआरएम ने गंभीर मामला बताते हुए कागजात खुद लेकर इस मामले को व्यक्तिगत रुप से देखने को कहा। कहा कि इस तरह तो ठेकेदार को बिना कूलर लगाए ही भुगतान हो जाएगा। डीआरएम के तेवर देखकर ठेकेदार व अधिकारी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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बूथ की परमीशन देने वाले पर कार्रवाई करो

उरई। प्लेटफार्म नंबर एक पर आरपीएफ थाने के पास बने मे आई हेल्प यू बूथ को देखकर डीआरएम भडक़ गए। बोले, किसकी परमीशन से इसे यहां लगवाया गया है। ट्रैक के किनारे लगाने से यात्रियों को निकलने की जगह कम होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस अधिकारी ने यहां लगाने की परमीशन दी है। उसे सोमवार तक एसएफ 11 चार्जसीट दे।

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पत्थर देखकर पीडब्लूआई को फटकारा

उरई। निरीक्षण के दौरान रेलवे ट्रैक के प्लेटफार्म के पास पत्थर पड़ा देखकर डीआरएम ने तत्काल पीडब्लूआई को तलब किया। बोले, क्या यात्रियों को रेलवे ट्रैक क्रास करने की परमीशन दे दी है। जो यात्रियों की सुविधा के लिए यह पत्थर रख दिया है। क्या यहां यात्री कबड्डी खेलेंगे। यदि किसी दिन किसी यात्री की जान चली गई तो तुम्हें तो जेल जाना पड़ेगा और तुम्हारी नौकरी भी जाएगी। तत्काल इसे हटवाओ।

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खुद नहीं वरिष्ठ कर्मचारी से कराया कार्यालय का उद्घाटन

उरई। सहायक मंडल सिगनल एवं दूरसंचार अभियंता (एडीएसटीई) के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन करने आए डीआरएम एके मिश्रा के यहां एक नई पहल पेश की। उन्होंने सिज्नल विभाग के सबसे वरिष्ठ कर्मचारी रमेश चंद्र टैक्नीशियन से ही कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन एवं पूजन कराया। इस दौरान विधि विधान से डीआरएम समेत कर्मचारियों ने पूजा अर्चना की। बाद में कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। डीआरएम की इस पहल लोगों ने खूब सराहना की। डीआरएम के इस बर्ताव देखकर रमेश टैक्नीशियन गदगद हो गया। बोला, आज मैं धन्य हो गया। बीके खरे ने रेल संरक्षा पर कविता सुनाई। जबकि एडीएसटीई ब्रांच लाइन नेहा चौधरी ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर सीनियर डीएसटीई सौरभ श्रीवास्तव, डीईएन लाइन एनएस यादव, एईई अभिषेक सिंह, एडीईन ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर एके यादव, आरवीएनएल के पीएम प्रियांक गुप्ता, केईसी के प्रोजेक्ट इंचार्ज पंकज कुमार, वक्र्स अभियंता बीके श्रीवास्तव, नंदराम, सीसीआई डीके तिवारी, बिजली अभियंता पीडी निरंजन, टीआई पीके गुबरेले, स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा, पीडब्लूआई जीएस निरंजन, सिज्नल अभियंता सुनील कुमार, टेलीकाम अभियंता अजय निराला समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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