उरई । सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से उलझना अब महंगा पड़ सकता है । नेतागीरी झाड़ने के लिए ऐसे हथकंडे अख्तियार करने वाले जेल जा सकते हैं । इसका एहसास पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक विशाल चौहान ने विकास भवन में जिले के नोडल अधिकारी के रूप में बैठक लेते हुए एस पी से यह कहते कराया कि सरकारी आदमी के साथ बदसलूकी करने वाले के साथ कोई रियायत न बरती जाये । ऐसे दबंगों को कठोर धाराओं में मुक़दमा लिख कर जेल भेजा जाये ।

बुद्धवार को शासन के नोडल अधिकारी पावर कार्पोरेशन के एम डी के दौरे की वजह से दिन भर प्रशासनिक गलियारों में सरगर्मी बनी रही । विशाल चौहान ने 2 दिन के अपने दौरे के पहले दिन विकास  भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की । इसमें अधिकारियों के  एम डी के तेवर देख कर पसीना छूट गये   । खस्ताहाल वसूली को ले कर वाणिज्य कर और आबकारी विभाग के अधिकारियों को उनकी फटकार झेलनी पड़ी । विद्युत वितरण प्रखंड द्वितीय के अधिशाषी अभियंता तरनवीर सिंह और जल निगम के प्रभारी अधिशाषी अभियंता कर्मवीर सिंह की चरित्र पंजिका में उन्होने प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करा दी । जिला परिषद के अपर मुख्य अधिकारी को विकास का बजट कमीशनखोरी की वजह से तीन साल में भी खर्च न कर पाने के लिए उन्होने जम कर खरी-खोटी सुनाई । अपर जिलाधिकारी आर के सिंह को भी एम डी की डांट झेलनी पड़ी ।

 

बैठक में जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पाण्डेय , पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद , मुख्य विकास अधिकारी एस पी सिंह और सभी विभागाध्यक्ष मौजूद थे ।

 

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