उरई। बहेलिया समाज ने संगठित होकर संघर्ष करने का संकल्प दोहराते हुए स्पष्ट किया कि अब वह किसी भी राजनैतिक दल का वोटबैंक बनकर नही रहेगे बल्कि जो दल उन्हें राजनैतिक हिस्सेदारी देगा उसके साथ एकजुट होकर काम करेगे। यह बात आज ग्राम आटा में आयोजित राष्ट्रीय बहेलिया जनजाति विकास मंच के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह बहेलिया ने कही।
उन्होंने कहा कि हम लोग महाभारत काल से संघर्ष करते आ रहे है हमारा अतीत काफी गौरवशाली जा रही है। सिकंदर महान, राजा पोरस, भृगू के हम लोग वंशज है। बहेलिया समाज की राष्ट्रीय गायिका तीजनबाई ने अंर्राष्ट्रीय स्तर पर बहेलिया समाजको पहचान दी है। लेकिन अफसोस की बात है कि आजादी के 70 सालों बाद भी हमारे समाज का कोई पुरसाहाल नही। राजनैतिक दल केवल वोट बैंक समझकर चुनावके समय याद करते है। उसके बाद कोई पूंछने वाला नही है। इसका प्रमुख कारण बहेलिया समाज का संगठित न होना है। जिस दिन हमारा समाज संगठित हो जाएगा और हम संगठित होकर संघर्ष के जरिये अपनी ताकत दिखायेगे तभी राजनैतिक दल हमारे समाज को सम्मान देगे। आज बहेलिया समाज के लोगों को बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हमारे समाज के लोग सड़क किनारे डेरा डालकर रहते है कभी भी उनकी समस्या को पूंछने कोई नही आया। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हरहाल में बच्चों को पढाये तभी समाज विकास की राह पर आगे बढ़ पायेगा। सम्मेलन को मंच के जिलाध्यक्ष बबलू सिंह, हुकुम सिंह, बाबू सिंह, चरन सिंह, ज्ञानसिंह, कमल सिंह, श्रीमती भगवती, गुलाब सिंह, सौदान सिंह, रमेश सिंह, अमृतलाल, महावीर प्रसाद, आशाराम सरोज, भूरी, केसर सिंह, राजेश, अतर सिंह, गंगासिंह आदि लोगों नेसंबोधित किया। संचालन इंद्रपाल सिंह ने किया। समाज को जागरुक करने वाले लोगों को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।

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