अवनीश दुबे महंत (राम-रहीम डेरा, उरई)
उरई। सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक सपा सरकार में साम-दाम-दंड-भेद से निर्वाचित हुए ब्लाॅक प्रमुखों को अविश्वास प्रस्ताव के जरिये अपदस्थ कराने के मामले में भाजपा और प्रभारी मंत्री के बीच ठन गई है। प्रभारी मंत्री भाजपा के सहयोगी अपना दल के कोटे से हैं। सपा सरकार के समय निर्वाचित हुए जिला और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को हटाने के लिए सभी जिलों में भाजपा के लोगों की ओर से अभियान सा छिड़ा है। पड़ोस के जनपद औरैया में तो इसकों लेकर रक्त रंजित स्थिति तक पैदा हो चुकी है। इसे देखते हुए जनपद के भाजपा नेतृत्व में भी बेचैनी घर कर चुकी है। कहीं सपा के जमाने के प्रमुखों को ढोने के चक्कर में उनकी राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के सामने फिसडडी इमेज न बन जाये इसलिए पिछले दिनों जालौन के चर्चित निवर्तमान नगर पालिकाध्यक्ष गुलाब जाटव के ब्लाॅक प्रमुख भाई के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की पहल भाजपा की ओर से की गई लेकिन इसे टांय-टांय फिस्स कर दिया गया। भाजपा के लोग इसका ठीकरा प्रभारी मंत्री जयकुमार सिंह जैकी के सिर फोड़ रहें हैं। शनिवार को रघुवीर धाम में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव की देखरेख में हुए सम्मेलन के बाद उनकी उपस्थिति में एक घर में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी हई। जिसमें एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेजने का फैसला किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री से जैक को जिले के प्रभार से मुक्त करने से संबंधित होगा। हालांकि भाजपा नेता पूंछने पर न तो इसकी पुष्टि कर रहे हैं और न ही इंकार। दूसरी ओर जैकी के समर्थक भी तने हुए हैं। उनका कहना है कि भाजपा के एक क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी उस कार्यकर्ता पर बरदहस्त रखे हुए हैं जिसकी सवारी समझी जाने वाली स्कार्पियों में गौ मांस पकड़ा गया था। लेकिन उनके कारण न तो संदिग्ध नेता पर पुलिस ने कोई एक्शन लिया और न ही पार्टी ने। अपना दल भी मुख्यमंत्री व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इन कारगुजारियों से अवगत करायेगा। स्थानीय निकाय के आने वाले चुनाव में इससे उपज रही फिजा किस तरह राजग के लिए जिले में घातक साबित हो सकती है। इस बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया जायेगा। हालांकि अपना दल का भी कोई जिम्मेदार यह बात कहने के लिए खुलकर सामने आने को तैयार नही है। इसलिए सहयोगी दलों का शीतयुद्ध अभी सतह पर नही आ पा रहा है।
भाजपा का एक मंत्री भी कार्यकर्ताओं के रडार पर
विरोधी दलों के नेताओं को बचाने के लिए गैर ही नही भाजपा का भी एक मंत्री पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के निशाने पर है। कार्यकर्ताओं में इसे लेकर आका्रेश है कि भाजपा के दमन के लिए अपने जलबे के समय कुख्यात दूसरी पाटी्र के नेताओं को कही से सरकार बदलने का एहसास नही हो पा रहा। हमारे अपने ही लोग उनकी गुलामी में मशगूल है। जिससे उनके सगे-संबधी अधिकारियों को मनचाही पोस्टिंग मिल रही है। उनके द्वारा कब्जा किये गये सम्पत्तियों के मामलों को छुआ भी नही जा रहा और उनके लगुओ-भगुओं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना से पार्टी के सच्चे कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है।







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