उरई । ऑनर किलिंग के एक मामले में प्रेमिका के भाई के हमले से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद प्रेमी तो किसी तरह भाग कर पुलिस की शरण में पहुँच गया लेकिन हमलावर ने अपनी बहिन को घर से थोड़ी दूर खेत में चाकुओं से गोद कर मार डाला जिसका शव सुबह बरामद हुआ ।

कुठौंद थाने के मसगांव निवासी संतोष की लड़की शीला का विवाह 7 वर्ष पहले जालौन कोतवाली के लौना ग्राम निवासी दीप सिंह पुत्र शिव से  हुआ था । शीला को उससे 6 वर्ष का एक बेटा भी है जिसका नाम राजा है । इसके बावजूद शीला और दीप सिंह में ज्यादा दिनों तक नहीं निभ पायी । इसके कारण शीला 5 वर्ष से अपने बेटे के साथ मायके में रह रही थी । इस बीच एक दिन ग्राम कुंवरपुरा थाना जालौन निवासी ज्ञान सिंह उर्फ नीतू  की काल गलती से शीला के नंबर पर कनेक्ट हो गई और बातचीत की यह शुरुआत दोनों के बीच गहरी  दोस्ती में बदल गई । हालांकि नीतू  की उम्र केवल 22 वर्ष है जबकि शीला 30 वर्ष की थी । लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच इस कदर  दीवानगी पनपी कि उन्होने साथ ज़िंदगी गुजारने का फ़ैसला कर लिया । एक महीने पहले इसे देखते हुए शीला ने दीप से तलाक भी ले लिया ।

उधर नीतू अपने पिता और भाई के साथ करनूल आंध्रप्रदेश में मजदूरी कर रहा था जिसको शीला का फोन पहुँचा तो वह शनिवार को वहाँ से शीला की विदा कराने मसगांव आ गया । शीला के छोटे भाई कोमल को यह गवारा नहीं हो रहा था जिसकी वजह से मंगलवार की रात घर के उस कमरे में  उसने धावा बोल दिया जिसमें शीला और नीतू सो रहे थे । दोनों कुछ समझ पाते इसके पहले ही कोमल नीतू पर टूट पड़ा और हाथ में लिए चाकू से उसने नीतू पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिये \ उसकी आँखों में नाच रही मौत देख कर नीतू लहूलुहान हालत में चीखता हुआ बदहवास हो कर घर से भागा और शंकरपुर पुलिस चौकी में जा पहुँचा । उसकी हालत देख कर पुलिस सबसे पहले आनन – फानन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद में उपचार के लिए ले गई । इसी बीच  सुबह पता चला कि नीतू के पीछे दौड़ रही शीला को पास के खेत में कोमल ने दबोच लिया  था । दिमाग में खून सवार होने की वजह से उसने बहिन को भी नहीं बख्शा और शीला को चाकुओं से गोद कर वहीं मार डाला । घटना के बाद कोमल सहित उसकी मां को छोड़ कर पूरा घर पुलिस को फरार मिला । मां पुलिस के सामने आरोप लगा रही थी कि शीला की हत्या कोमल ने नहीं नीतू ने की है ।

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