उरई। हत्या के आरोप में वांछित होने पर शातिर अपराधी ने एक किसान को जलाकर उसकी जेब में अपने कागज रख दिये तांकि पुलिस उसे मरा समझ ले। लेकिन उसका हथकंडा कामयाब नही हो पाया। इस बीच पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। अंततोगत्वा चार साल की मशक्कत के बाद कोतवाली पुलिस ने बुधवार की शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक देशी रायफल बरामद की गई है। आरोपी धरगुवां थाना कोतवाली उरई निवासी रामकरन सिंह पांचाल को दुर्दांत अपराधी बताते हुए पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद ने जानकारी दी कि रामकरन जैसारी के पूर्व प्रधान मानिकचंद्र के साथ नया राम नगर में एक मकान में रहता था। रामकरन ने एक दिन मानिकचंद्र से रुपये मांगे जिसे देने से उसने इंकार कर दिया। इस पर उसने मानिकचंद्र की हत्या कर दी और उसका शव कपड़ों में लपेटकर फूंक डाला। इसके बाद वह फरार होकर कोटरा थाने के मवई गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रहने लगा। इस दौरान पुलिस ने उसको कुर्की का आदेश अदालत से प्राप्त करके भेजा जिस पर उसने एक शातिर चाल चली। 16 जनवरी 2014 को उसने अपने पड़ोसी खेत मालिक धुरट निवासी हरीराम पाल की हत्या कर उसके शव को जला दिया और उसकी जेब में कुर्की का अपना नोटिस प्लांट कर दिया तांकि पुलिस उसे मृत समझकर उसका पीछा करना बंद कर दे लेकिन भेद खुल गया जिससे पुलिस उसके पीछे लगी रही। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 12 हजार रुपये का इनाम भी लगा दिया। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदेश भर में चलाये जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए मुखबिरों को जाल फैलाया और अंततोगत्वा उसका सुराग मिल गया। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक देशी 315 बोर रायफल व जिन्दा कारतूस भी बरामद किये गये हैं।

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