उरई। भटटा माफियाओं की हिमायत में ग्रामीणों पर लाठी चलाने आई पुलिस को आखिर में भीड़ के सामने गिड़गिड़ाकर धरना समाप्त कराना पड़ा। इसके चलते उरई से दिल्ली बायां जगम्मनपुर सड़क पर 4 घंटे यातायात ठप्प रहा।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय पिछले कुछ महीनों से प्रधानों पर इंदिरा आवास के लाभार्थियों के शौचालय निर्माण के लिए दबाव बनाये हुए हैं। रामपुरा क्षेत्र में जगम्मनपुर के प्रधान राहुल मिश्रा सहित कई प्रधानों ने कहा कि जिले में खनन ठप्प होने के कारण एक ट्राली बालू 10 हजार रुपये में मिल रही है। जिसकी वजह से गरीब लाभार्थी इतनी मंहगी बालू खरीद कर शौचालय बनवाने में असमर्थ हैं। अगर उन्हें निजी उपयोग के लिए नदी से बालू उठाने की इजाजत मिल जाये तभी शौचालय निर्माण संभव है। इस पर खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाये डीएम ने इंदिरा आवास के लाभार्थियों के अपने उपयोग के ट्रैक्टर निकल जाने देने का इशारा एसडीएम और पुलिस को कर दिया था। लेकिन इस आड़ में रामपुरा के एसओ मिथलेश कटियार ने माफियाओं के बालू और ईंटा वाहन निकलवाने शुरू कर दिये। जब ईटा लदे ट्रेक्टरों की वजह से जगम्मनपुर में कई जगह नालियां टूट गईं तो प्रधान ने उनकी शिकायत उच्चाधिकारियों को कर दी जिस पर मिथलेश कटियार को फटकारा गया। नतीजतन उन्होंने नाराज होकर इंदिरा आवास के लाभार्थियों को भी ट्रैक्टर से बालू भरने से रोक दिया। पिछले एक हफ्ते से इस बात पर प्रधान, ग्रामीणों और पुलिस में ठनी हुई थी। उधर पैसे के लालच में मिथलेश कटियार भटटा मालिकों से जेब गरम करके रात में फिर ईटा लदे ट्रैक्टर निकलवाने लगे। इस बात पर रात में प्रधान राहुल मिश्रा और जगम्मनपुर ग्राम पंचायत के सदस्यों ने बगावत का परचम लहराते हुए जगम्मनपुर में इटावा, औरैया साइड से आ रहे ईटों के ओवर लोड ट्रैक्टर रोककर जाम लगा दिया और इसकी सूचना सीओ माधौगढ़ को दे दी।
उधर ग्रामीणों के इस विरोध से बौखलाये रामपुरा एसओ मिथलेश कटियार सिविल ड्रेस में फोर्स लेकर ग्रामीणों को आतंकित करने मौके पर पहुंच गये। उन्होंने ग्रामीणों को लाठियां भांजकर खदेड़ना चाहा लेकिन ग्रामीण टस से मस नही हुए। उनके इरादे देखकर एसओ का हौसला डगमगा गया। 4 घंटे की तनातनी के बाद सीओ माधौगढ़ के निर्देश पर एसओ रामपुरा ने ग्रामीणों के हाथ-पैर जोड़े। कहा कि शौचालय बनवाने के लिए बालू भरकर ले जाने वाले लाभार्थियों को पुलिस परेशान नही करेगी। साथ ही ईटा के ट्रैक्टरों के कारण अगर गांव में कही कोई टूट-फूट होती है तो ट्रैक्टर मालिक से उसकी भरपाई ग्राम पंचायत को कराई जायेगी। तब कहीं जाकर धरना समाप्त हुआ। राहुल मिश्रा के अलावा प्रदीप मिश्रा, राजकुमार मिश्रा, सविता देवी, आशाराम, सरोज, रामसिया, केशकुमार, अंजू चंदेल, रवि मिश्रा, योगेंद्र त्रिपाठी, मनोज सोनी आदि भी धरने में शामिल रहे।

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