उरई। जिला महिला अस्पताल उरई में चिकित्सकों की मनमानी एवं छुट्टी लगाकर प्राईवेट प्रैक्टिस के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य चिकित्साधीक्षक को ठेंगा दिखाकर मनमानी प र उतरी महिला चिकित्सकों के खिलाफ लाइन में लगी महिलाओं की भीड़ ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए कार्यवाही की मांग की है।
एक ओर जहां सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा आए दिन प्राईवेट पै्रक्टिस करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए जा रहे है वहीं जिला महिला अस्पताल उरई मे महिला डाक्टरों पर मुख्यमंत्री के इन आदेशों का रत्ती भर असर देखने को नही मिल रहा है। हालत यह है कि महिला डाक्टरों के द्वारा मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. सुनीता बनौधा को ठेंगा दिखाकर खुलेआम मनमानी की जा रही है। उन्हें अस्पताल आने वाले महिला मरीजों से कोई लेनादेना नही रह गया है केवल वहीं मरीज देखे जाते है जो डाक्टरों को प्राईवेट तौर पर दिखाते है। जिला महिला चिकित्सालय में इस समय चार महिला चिकित्सक है डा. पल्लवी यादव, डा. रूपाली और डा. कविता तथा डा. संध्या गुप्ता। चूंकि संध्या गुप्ता बीमार चल रही है लेकिन डा. पल्लवी, डा. रूपाली एवं डा. कविता अपनी मर्जी की मालिक है। इन्हें अस्पताल में ओपीडी समय में न तो मरीजों को देखने की फुर्सत है और न ही यह मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. सुनीता बनौधा के निर्देशों को तबज्जो देती है। इस समय जब महिलाओं के प्रसव का समय चल रहा है और तमाम संक्रामक बीमारियां से पीड़ित महिला मरीज अस्पताल पहुंचे रहे है तो इन चिकित्सकों द्वारा टहलाया जाता है। यह तीनों डाक्टर ओपीडी में बैठना अपनी हैठी समझते है। हालांकि संविदा पर तैनात बीके शास्त्री के द्वारा मरीजों को देखा जा रहा है। इस संबंध में डा. मुख्य चिकित्साधीक्षक का कहना था कि डा. पल्लवी, डा.रूपाली एवं डा.कविता उन्हें बिना बताये छुट्टी लगाकर प्राईवेट मरीज देखने चली जाती है। अस्पताल आने वाले मरीजों को घर पर बुलाती है। सीएमएस ने बताया कि इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी जालौन के अलावा उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है और अपनी मर्जी की मालिक इन तीनों चिकित्सकों के खिलाफ शासन से वेतन रोकने की सिफारिश की गई है फिर भी उनकी आदतों में कोई सुधर नही आ रहा है। कुछ कहने पर झगड़ने पर आमादा हो जाती है। महिला अस्पताल में उपचार के लिए आई मरीज सुनीता वर्मा, मंजू, फातिमा तमाम मरीजों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए लापरवाह एवं मनमानी करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।






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