
उरई । अखिल भारतीय किसान महासभा एवं एक्टू के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को बुंदेलखंड में सूखा एवं किसानों के साथ भेदभाव बरते जाने के साथ ही गाली गलौज करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध शासन स्तर से कार्यवाही कराये जाने की मांग करते हुये कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान न किया गया तो वह कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे।
अखिल भारतीय किसान महासभा ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गये ज्ञापन में कहा कि जिलाधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका उचित समाधान कराने की ओर प्रयास करें। आज जनपद ही नहीं समूचे बुंदेलखंड में पर्याप्त मात्रा में पानी न बरसने से सूखे जैसे हालात पैदा हो गये हैं। ऐसी स्थिति में खेतों में लहलहाती फसलें उर्द, मूंग, तिली में दाना नहीं आया जिससे किसानों के सामने अजीबो गरीब स्थिति पैदा हो गयी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने अब तक शासन को जनपद सहित बुंदेलखंड को सूखा घोषित कराने के लिये कोई पत्राचार नहीं किया है। यह एक गंभीर मसला है। इस ओर अविलंब ध्यान दिया जाना चाहिये। महासभा नेताओं ने मौरम का खनन बंद होने से मजदूरों के सामने भी भूखों मरने की नौबत आ गयी है। इस तरह की स्थितियों को देखते हुये सभी निर्माण मजदूरों का बगैर शर्त पंजीयन कराया जाये ताकि उन्होंने शासन से राहत मुहैया करायी जा सके। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान महासभा जल्द ही बुंदेलखंड में एक बड़ी किसान रैली आयोजित करायेगा जिसे पार्टी केंद्रीय व प्रांतीय नेता संबोधित करेंगे। अंत में उन्होंने ऐलान किया कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का संपूर्ण समाधान न हुआ तो महासभा कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल शुरू करने को विवश होगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान का. राजीव कुशवाहा, का. रामसिंह चौधरी , का. हरीशंकर सहित अनेकों किसानों ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।






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