
उरई । अरे ! ऐसी जुर्रत जिला जेल के अंदर लड़का –लड़की का मस्त –मस्त डांस ।…….खा गए न धोखा । दोनों में कोई लड़की नहीं है । ये रेप के आरोप में बंद किए गए यामीन और सौरभ हैं । जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा को जब पता चला दोनों लड़कों में बहुत अच्छा टेलेंट है कोरियोग्राफी का तो उन्होने दोनों से बात की और शुरुआत कर दी जेल के अंदर डांस क्लासेज की ।
यहाँ की बच्चा जेल जो कि मुख्य जेल के ही एक पोर्शन में खोली गई है , में लगभग 30 किशोर निरुद्ध हैं । यामीन और सौरभ की दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक चलने वाली डांस क्लास में लगभग सारे किशोर थिरकते हैं ।
जेल अधीक्षक ने बताया कि तीन घंटे में सारे लड़के थक कर चूर हो जाते हैं । इसलिये 2 महीने से बच्चा जेल बंदियों की शैतानी से सुरक्षित है जबकि इसके पहले बच्चा जेल में खुराफात की शिकायतों का तांता लगा रहता था ।
सीताराम शर्मा के मुंबई में फिल्म एंड म्युजिक कंपनियों में ख़ासे कांटेक्ट हैं । उन्होने यह बात किशोर बंदियों को भी बता रखी है और आश्वासन दिया कि जो बंदी डांस क्लास में अच्छा परफ़ोर्म करेंगे उन्हे कंपनियों में काम दिलाया जायेगा । इसके कारण डांस के कठिन से कठिन स्टेप को सीखने में सारे बंदी बड़ी लगन दिखा रहे हैं ।
जेल में बड़ों की भी क्लास चलेगी
मुख्य जेल में भी एक क्लास शुरू की जा रही है । जेल में विभिन्न आरोपों में 4 शिक्षक बंद हैं जो कि शाम को 2 घंटे तक बंदियों को पढ़ाएंगे। उनकी कक्षा में सामान्य ज्ञान और महापुरुषों की जीवनी पढ़वायी जायेगी । निरुद्ध शिक्षकों की इस मामले में सहमति के बाद जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने खुद भी इस कक्षा में पढ़ाने का फ़ैसला किया । सीताराम शर्मा ने बताया कि क्लास में शामिल होने वाले बंदियों के लिए उन्होने हर महीने सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कराने का कार्यक्रम भी बनाया है । इस प्रतियोगिता में के पहले , दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वालों को प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा ताकि वे समाज में वापस लौटने पर उलाहना देने वालों से कह सकें जेल काट कर नहीं , जेल जी कर आए हैं ।






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