उरई। बीते एक माह पूर्व हुई हास्टल छात्र की मौत में स्थानीय पुुलिस लीपापोती करने में लगी हुई है। इस मामले में राष्ट्रीय ब्राहमण एकता संघ ने पीड़ित पिता संग बड़ी संख्या में राजमार्ग कोतवाली के बाहर जाम लगाकर नारेबाजी की। इसके साथ ही कोतवाली पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि छात्र ने आत्महत्या नहीं की गई, बल्कि उसकी हत्या हुई है। मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गौरतलब हो कि रामपुरा क्षेत्र के जगम्मनपुर गांव निवासी गौरव द्विवेदी शहर कोतवाली के कोंच बस स्टैंड स्थित नवचेतना हास्टल में रहकर पढ़ाई पूरी कर रहा था। त्योहार के बाद घर से लौटे हास्टल छात्र का अगले दिन रेलवे क्रासिंग अजनारी रोड पर लहूलुहान हालत में शव मिला था। परिजनों ने हास्टल प्रशासन पर हीलाहवाली का आरोप लगाकर मामले की तहरीर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई की बात कहकर आक्रोशित परिजनों को शांत करा दिया था। काफी दिन बीतने के बाद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो एकता संघ के बैनर तले पीड़ित पिता व अन्य लोगों ने कोतवाली परिसर के सामने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित ने कहा कि एक ओर जहां प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाकर पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कह रही हो तो वहीं, स्थानीय पुलिस हत्या का आत्महत्या बताकर केस में चार्जशीट लगाने का षड़यंत्र रच रही है। इस दौरान सुनील दुबे, राहुल दीवौलिया,अंकित, अनिल भदौरिया, पुष्पेंद्र शर्मा, सचिन
दीक्षित, अपूर्व मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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इंसाफ मांगने पहुंचे पीड़ित परिवार को पुलिस ने लिया हिरासत में
सड़क जाम करने वाले और धरना प्रदर्शन करने के मामले में पुुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित व मृतक के पिता को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया और आश्वासन दिया कि उनकी बात को गंभीरता से लिया जाएगा और जो भी आलाधिकारियों का निर्देश होगा, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।

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