उरई। जिला महिला अस्पताल में योगी के फरमान का कोई असर नहीं दिख रहा है। स्थिति यह है कि डिलेवरी के लिए आने वाली महिलाओं के परिजनों से उगाही की जा रही है। शुक्रवार को आटा क्षेत्र के पिपरायां गांव का मामला प्रकाश में आया। जब डिलेवरी से पहले सुविधा शुल्क ली गई, तब कहीं जाकर डिलेवरी की गई। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत डीएम से की और जांच कराकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
बताते चले कि आटा के पिपराया गांव निवासी रोशनी गर्भवती थी। शुुक्रवार सुबह उसके पेट में दर्द हुआ। परिजन उसे लेकर महिला अस्पताल लाए, जहां पर उसे भर्ती तो कर लिया गया, पर नर्सों ने इलाज शुरू नहीं किया। परिजनों ने बताया कि नर्सें डिलेवरी के एवज में सुविधा शुल्क की मांग कर रही है। जब उन्होंने इंकार कर दिया तो इलाज शुरू नहीं किया, जिससे काफी देर तक प्रसूता तड़पती रही। मरीज का हाल बेहाल परिजन सुविधा शुल्क देने को राजी हुआ, तब कहीं जाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया गया। परिजनों ने डीएम से इस मामले की शिकायत की। कहा कि अस्पताल में मरीजों से इलाज के नाम पर सुविधा शुल्क ऐेंठी जा रही है। जो देने में आनाकानी करते हैं, उनके मरीजों को कराहते हुए हालत में छोड़ दिया जाता है। इस वजह से मजबूरन लोगों को रुपये देने पड़ते हैं।

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