उरई । रामपुरा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने उन्हें बात-बात पर जलील करने और शासन की गाइड लाइन के खिलाफ काम करने के लिए विवश करने के लिए आक्रोशित प्रधानों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को ज्ञापन भेजकर प्रधानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है।

खंड विकास अधिकारी रामपुरा गयाप्रसाद सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में प्रधान संगठन ब्लाक रामपुरा के अध्यक्ष लल्लू महाजन, मंडल अध्यक्ष ब्रजेन्द्र द्विवेदी, उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना टीहर, प्रधान कस्बा रेखा देवी, प्रधान हमीरपुरा विनीता देवी, जयवीर सिंह प्रधान कंझारी, मुन्नीदेवी प्रधान पतराही, ब्रजेन्द्र सिंह राठौर मानपुरा, ममता देवी प्रधान गुपलापुर, राहुल मिश्रा प्रधान जगम्मनपुर, गुड्डू देवी प्रधान हुसेपुरा जागीर आदि ने अवगत कराया कि ग्राम पंचायत का प्रतिनिधि प्रधान अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे है शासन व प्रशासन स्तर से निर्गत शासनादेशों को तोड़ मरोड़कर लालफीताशाही द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जबकि प्रधानों द्वारा अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों के षड़यंत्रों से लगातार जूझकर सरकारी कार्यक्रमों को सफल बनाया जाता रहा है। मनरेगा योजना में धनराशि उपलब्ध नही कराया जाती है जबकि श्रमिकों के द्वारा भुगतान न होने से शिकायते की जाती है। फिर भी राज्य वित्त एवं चतुर्थ वित्त की धनराशि में मनरेगा से डबटेलिंग का दबाव बनाया जा रहा है। चैदहवें वित्त आयोग की गाइड लाइन के विपरीत है। बाल पेटिंग में केवल प्रधानों को निशाना बनाया जाता है जबकि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में बाल पेटिंग की जाए।  अन्य कार्यदायी संस्थाओं के मुकाबले ग्राम पंचायत द्वारा कराये जा रहे कार्यो को गलत बताकर या नियम विरूद्ध शिकायत को हथियार बनाकर जांच आदि के नाम पर दूसरी कार्यदायी संस्थाओं को काम दिया जाता है। जबकि ग्राम प्रधानों को अपर्याप्त मानदेय के अलावा कोई सुविधा नही दी जाती है और अगर इसी तरह का भेदभाव एवं उत्पीड़न किया जाता रहा है तो क्षेत्र पंचायत रामपुरा के सभी प्रधान सामूहिक इस्तीफा देने के लिए मजबूर हो जाएगे।

 

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