उरई। गौसंरक्षण के लिए प्रशासन के द्वारा उठाये जा रहे कदमों का पूरी तरह सहयोग किया जाएगा और ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत स्तर पर गौशालाएं खोलकर ही किसानों की फसलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह बात आज यहां पत्रकार वार्ता में गौरक्षा प्रमुख अखिलेश दुबे डीहा ने कही।

उन्होंने किसानों की फसलों को अन्ना पशुओं से बचाने एवं गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रशासन से मांग की कि जनपद में आरी ब्लेड नमा तारों को प्रतिबंध किया जाए। ग्राम पंचायत की गौचर भूमि पर गौशाला ओं का निर्माण कराया जाए। ग्राम निधि से गौशालाओं का निर्माण कराने के साथ ही पंद्रह गौवंशों पर एक मनरेगा मजदूर की नियुक्ति की जाए। चारे भूसे को लेकर किसानों के अलावा जिला प्रशासन भी करे। गांव की 31 सदस्यीय गौरक्षक टीम का गठन किया जाए जिसमें पदेन सदस्य के रूप में प्रधान, सचिव एवं लेखपाल को शामिल किया जाए। नगर पंचायत स्तर पर नजूल की भूमि पर गौशाला का निर्माण कराकर पंद्रह गौवंशों की देखभाल के लिए नगर पालिका का एक सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाए यहां भी 31 सदस्यीय गौरक्षक टीम का गठन कर उसमें चेयरमैन अधिशाषी अधिकारी एवं लेखपाल को पदेन सदस्य के रूप में रखा जाए और गौशाला का निर्माण नगर पंचायत निधि से कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सात दिन के अंदर अन्ना पशुओं से किसानों को मुक्ति नही दिलाई जाती है तो विश्व हिन्दू परिषद, गौरक्षा विभाग एवं बजरंगदल आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में अजय तिवारी, बीरेन्द्र, राहुलसिंह, योगेश पटेल आदि मौजूद रहे।

Leave a comment