
उरई। बहुजन मुक्ति पार्टी ने प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर आज कलेक्टेªट परिसर में धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल कोसंबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी जालौन को सौपा।
बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष श्रीराम चौधरी के अलावा रामशरण गौतम प्रचारक बामसेफ, आरके कुशवाहा, भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष नाथूराम बौद्ध, भगवानदास अहिरवार, धर्मेन्द्र कुमार अहिरवार आदि तमाम कार्यकर्ताओं ने कलेक्टेªट परिसर में धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति भारत सरकार एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन को संबोधितज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। जिसमें कहा गया है कि देश एवं प्रदेश में ओबीसी का समर्थन लेकर सत्ता हासिल करना मगर ओबीसी की जाति आधारित गिनती न करना, पंचायती अनुपात में प्रतिनिधित्व न देना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए पिछले वर्ग की जाति आधारित गिनती करके उन्हें संख्या के अनुपात में प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिनिधित्व दिया जाए, ईबीएम द्वारा चुनाव होने से नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लघंन के साथ ही लोकतंत्र की हत्या हो रही है। इसलिए ईबीएम को बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए, समान कार्य के लिए समान वेतन का सभी प्रकार के शिक्षामित्रो एवं संदिवा कर्मियों को नियमित दिया जाए, डीआरडी मेडीकल कालेज गोरखपुर में 290 मासूमों की आक्सीजन की कमी से मौत के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। उत्तर प्रदेश में 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चके कर्मचारी एवं अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत देना असंवैधानिक है इस अन्याय को बंद किया जाए, उच्च शिक्षा एवं टैक्नीकल, इंजीनियरिंग में आरक्षण समाप्त करने एससी एसटी, ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए आरक्षण को बहाल किया जाए, उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही एससी एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाए बढ़ी। भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फैल हो गई है। इसलिए उत्तर प्रदेश में कानून का राजकायम करने के लिए उचित कार्यवाही की जाए। कर्नाटक की वरिष्ठपत्रकार एवं लेखक गौरी लंकेश की हत्या की सुप्रीमो कोर्ट न्यायाधीश से जांच कराकर दोषियों को फांसी कीसजा दी जाए।







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