उरई। पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को हेड कांस्टेबिल और सिपाहियों के तबादले की लंबी सूची जारी की है। इसमें प्रधान आरक्षियों को मिलाकर 32 आरक्षी इधर से उधर किये गये हैं। एक ओर प्रदेश पुलिस के मुखिया सुलखान सिंह को 30 सितंबर के बाद सेवा विस्तार मिलेगा या नही इसको लेकर अटकल-पच्ची का बाजार गरम है तो दूसरी ओर इसकी प्रतीक्षा किये बिना ही राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक पुलिस की टीम में तबादलों की उथल-पुथल मचा दी गई है। एक दिन पहले प्रदेश में 29 आईपीएस अफसरों के तबादले में 11 नाकाम एसपी हटा दिये गये थे। जिनमें जालौन के कप्तान का नाम नही है। इसके बाद जिले के पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने आज तसल्ली से बैटिंग जारी रखने का आभास कराते हुए 32 पुलिस कर्मियों के तबादले की लंबी गश्ती जारी कर डाली। इसमें वे तीस मार खां सिपाही भी शामिल हैं जो तबादले की हर लहर में सुरक्षित बच जाते थे। जबकि एक स्थान पर तैनाती के अधिकतम कार्यकाल की सीमा वे पार कर चुके थे। जहिर है कि कमाऊ पूत होने की वजह से एक तो एसओ साहिबान इनके तबादले आड़े आ जाते थे जिससे कप्तान को रहम करना पड़ता था। दूसरे राजनैतिक सैटिंग में भी इनको महारथ हासिल थी जिसके कारण तबादले के पहले ही माननीयों के फोन एसपी या एडीशनल एसपी के पास इनके लिए आ जाते थे। लेकिन इनके संरक्षण में फल-फूल रहे जरायम के तरह-तरह के कारोबार छिन्न-भिन्न करने के लिए लगता है कि वर्तमान कप्तान इनकों इधर से उधर करने के लिए कटिबद्ध हो गये थे। जिससे इस बार इनके सारे गुरुमंत्र बेकार चले गये।

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