
लखनऊ । बुंदेलखंड के भाजपा विधायकों के अनर्गल मौरंग प्रेम की चर्चा के लिए किसी दूसरी पार्टी के नेता के बयान की वैसे तो कोई जरूरत नहीं है लेकिन अगर वे यह पुनीत काम करते हैं तो इसे अनिवार्य बुराई समझने की गलतफहमी में चुप जनता सनक सकती है । अभिसूचना विभाग के सूत्रों ने बताया कि चुनाव के दौरान अपने को दूध का धुला बता रहे भाजपाई पावर मिलते ही अकाल के भूंखो की तरह बालू की कमाई पर टूट पड़े हैं । उन्होने संलिप्त विधायकों के बाबत रिपोर्ट भेजी लेकिन जब लगा कि ऊपर के लोग इसे अवांछनीय मान कर खिन्न हो रहे हैं तो उन्होने अनदेखी करने में ही भलाई लगीं । विपक्ष की पहल से इस मुद्दे पर अंदर ही अंदर घुट रहे जन मानस ,में विस्फोट हो सकता है ।
इसी क्रम में बांदा के पूर्व कांग्रेस विधायक विवेक सिंह ने सीएम को पत्र लिख कर बांदा में हो रहे अवैध खनन की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि बांदा सदर के बीजेपी विधायक प्रकाश चंद्र द्विवेदी के संरक्षण में यह अवैध खनन हो रहा है। कहा कि बांदा, महोबा, हमीरपुर, झांसी सहित बुंदेलखंड में हाई कोर्ट के आदेश पर अवैध खनन की जांच हो रही है। इसके बाद भी बांदा के अधिकारियों द्वारा ई-टेंडरिंग में घपला कर करोड़ों की हेराफेरी हो रही है।
उधर, विधायक प्रकाश ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवेक उनसे चुनाव हारे हैं। इस कारण वह बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। विवेक सिंह ने कहा है कि पूर्व खनिज मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के इशारे पर बांदा और चित्रकूट में प्रकाश चन्द्र द्विवेदी, उनके पिता व परिवार के लोगों को खनिज के पट्टे दिए थे, जो आज भी इनके नाम से हैं। जबकि पट्टों के टेंडर डाले ही नहीं गए।
इन पट्टों का रकबा 400 एकड़ है, जहां हर महीने 90 करोड़ रुपये का घपला होता है। आरोप लगाया कि बांदा जिला प्रशासन और खनिज अधिकारी आरके सिंह ने इन खंडों को रोक कर अन्य पट्टों की सूचना निकाली है।






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