उरई। हृदय रोग दिवस पर जिला चिकित्सालय कक्ष में गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अस्पताल के सीएमएस अजय कुमार सक्सेना ने की। इस मौके पर चिकित्सालय के सभी डाक्टर व फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सीएमएस अजय कुमार सक्सेना ने कहा कि जीवन शैली से जुड़ी पसंद नापसंद एक अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोग खराब शारीरिक गतविधि अधिक फैट वाले आहार और फलों व सब्जियों को तलने के साथ हृदय लोगों का जोखिम बढा रहे हैं इसलिए हृदय की रक्षा के लिए रचनात्मक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पुरूष सीवीडी से अधिक प्रभावित होते हैं लेकिन सच्चाई ये हैं कि हृदय रोग से हर साल तीन में से एक महिला मौत का कारण बनती हैं। इस प्रकार प्रकार से पुरुष और महिलाएं दोनों का ही अपने हृदय के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरुरत होती हैं, उन्होंने कहा कि स्थिति तो ऐसी है कि अब तो बच्चों को भी हृदय रोग का जोखिम बढता जा रहा हैं। सीएमएस अजय कुमार ने कहा कि सीवीडी के लिए उम्र या लिंग की कोई सीमा नहीं होती हैं। गोष्ठी को प्रमुख रुप से डा. आरपी तिवारी काडियोलाजिस्ट, डा. संजीव गुप्ता फिजीशियन, डा.बसंत लाल सर्जन, संजीव अग्रवाल बालरोग विशेषज्ञ, डा. राहुल सचान जनरल फिजीशियन, डा. भानू प्रकाश सिंह नाक, कान, गलारोग विशेषज्ञ, डा. सुधीर कुमार द्विवेदी चीफ फार्मेसिस्ट, डा. टीपी गौतम चीफ फार्मेसिस्ट, डा. कमलेश कुमार चीफ फार्मेसिस्ट सहित अन्य अस्पताल कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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