उरई। एक ओर दशहरा तक हादसों का सीजन माना जाता है दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरा का हाल बेहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डाॅ. समीर प्रधान हफ्ते में केवल तीन दिन मिलते हैं। उनके इस रवैये की वजह से अस्पताल सफेद हाथी बन कर रह गया है। इमरजेंसी सेवा तक बंद रहती है। लड़ाई-झगड़ों के केसों में रामपुरा के लोगों को माधौगढ़ जाकर अपना मेडिकल कराना पड़ता है। इस बदहाली के बावजूद न जिला प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई की है और न ही सीएमओ ने।

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