उरई। कालपी रोड स्थित फैक्ट्री एरिया में संचालित एक खोया फैक्ट्री में बीती रात प्रशासन की छापामार कार्रवाई से जहां खोया फैक्ट्री संचालक व उसके खासमखास लोग परेशान हो उठे और देर रात मौके पर जा पहुंचे। छापामार कार्रवाई के दौरान रिफाइंड, मिल्क पाउडर, चीनी, खोया सहित अन्य खाद्य सामग्री बरामद की थी। इसके बाद खोया फैक्ट्री में तालाबंदी कर दी थी। प्रातः उक्त खोया फैक्ट्री संचालक कागजातों को लेकर जिलाधिकारी से मिला जहां से बांड भरने के बाद खोया फैक्ट्री तो खुल गयी। लेकिन मौके से बरामद खोया को जांच के लिये मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सैम्पुल भरकर भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीती रात फैक्ट्री एरिया में सिटी मजिस्ट्रेट एनपी पांडेय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मानसिंह निरंजन, दिनेशचंद्र आदि ने खोया फैैक्ट्री में जब देर रात छापा मारा तो वहां भगदड़ मचनी शुरू हो गयी। अधिकारियों की टीम ने खोया फैक्ट्री से ठंडा होने के लिये रखा खोया जो सात कुंटल बताया जा रहा है बरामद किया इसके साथ ही रिफाइंड, मिल्क पाउडर, चीनी सहित अन्य खाद्य सामग्री बरामद की। पहली नजर में तो अधिकारी यह नहीं समझ पाये कि खोया फैक्ट्री में रिफाइंड, चीनी, मिल्क पाउडर किस मंशा से भंडारण कर रखा गया है। अभी अधिकारी कुछ समझ पाते इसके पहले ही रात के अंधेरे में कुछ लोग गाड़ी में सवार होकर मौके पर जा पहुंचे जो खुद को मीडिया से जुड़ा बता रहे थे। लेकिन जैसे ही सिटी मजिस्ट्रेट की सख्ती से वह कुछ देर रुकने के बाद मौके से खिसक गये। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट एनपी पांडेय व खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिलावटी खोया होने की संभावना को देखकर खोया फैक्ट्री में ताला जड़ दिया। अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद जैसे ही टीम वहां से वापस लौटी और इसी दौरान इसकी जानकारी खोया फैक्ट्री संचालक हरिओम के संचालक उमा सिंह राठौर को पता चली तो उसकी रातों की नींद हराम हो गयी। प्रातः उमा सिंह राठौर खोया फैक्ट्री के कागजात लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे जहां पर सभी कागजात दिखाये इसके बाद जिलाधिकारी ने बांड भरने की बात कही तो फैक्ट्री संचालक ने बांड भर दिया इसी के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खोया फैक्ट्री में डाला गया ताला खोल दिया। साथ ही खोया फैक्ट्री से बरामद खोये का सैम्पुल भरकर जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिया है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक छापामार टीम में शामिल अधिकारी यह बात नहीं समझ पाये कि खोया फैक्ट्री में बरामद रिफाइंड, मिल्क पाउडर, चीनी सहित अन्य खाद्य पदार्थ किस मंशा से रखा गया था। कहीं ऐसा तो नहीं खोया फैक्ट्री में मिलावटी खोया निर्मित कराया जा रहा है। यह बात तो जांच के लिये भेजे गये सैम्पुल की जांच आने के बाद ही तय होगी। यदि खोया मिलावटी पाया गया तो कानूनी कार्रवाई के फंदे में खोया फैक्ट्री संचालन का फंसना तय माना जा रहा है।






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