उरई। कालपी के काशीखेरा गांव में हुए अंबेडकर प्रतिमा के अपमान को लेकर लोगों में आक्रोश है। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के नेताओं ने जुलूस निकालकर कलक्टेकृट में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इस दौरान मामले में जबरन फंसाए गए निर्दोषों को रिहा किए जाने की मांग की। इसके साथ ही घटना की सीबीआई जांच कराकर बाबा साहब के साथ अशोभनीयता करने की निंदा की गई।
मंगलवार को अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने शहर में जुलूस निकाला। संगठन कार्यालय से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख चैराहों से निकाला गया। इस दौरान पदाधिकारियों ने प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की घेराबंदी कर नारेबाजी की। जुलूस कलक्टेकृट में जाकर समाप्त हुआ, इसके बाद डीएम डा. मन्नान अख्तर को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि कालपी के काशीखेरा में बाबा साहब के साथ अपमान किए जाने की घटना निंदनीय है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने घटना को अंजाम देने वाले अराजकतत्वों पर कार्रवाई की होती तो वहां पर बवाल की स्थिति नहीं होती। आरोप है कि बवाल के बाद पुलिस ने वहां पर दलितों के घरों में जाकर मारपीट की। मंच के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस की बर्बरता पूर्वक कार्रवाई से काशीखेरा में रहने वाले लोग बुरी तरह से भयभीत है। टीम ने जब वहां पर जाकर सर्वे किया तो यह स्थिति सामने देखने को मिली। ग्रामीणों ने खुद इस बात की तस्दीक की। ज्ञापन देने वालों में मुकेश, राजेश गौतम, संजय, पंचम सिंह, नंदकुमार, रामकुमार, रीता देवी, संजय बाल्मीकि, रुकसाना मंसूरी, कल्पना, अनीता, राजकुमार, राजेश्वरी, रमेश, विमल कुमार, नीलिमा, धर्मपाल राजपूत, किशुन मौजूद रहे।

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