
उरई । भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार की अगुवाई ने अनेकों किसानों ने किसान भवन से पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गये सात सूत्रीय मांग पत्र में जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग की।
जिलाधिकारी को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि समूचे जनपद में खरीफ की फसल शत प्रतिशत सूख चुकी है। ऐसी स्थिति में जिले को तत्काल सूखा ग्रस्त घोषित कर किसानों की सहायता की जाये। आबारा पशुओं की संख्या साल दर साल 25 प्रतिशत बढ़ जाती है इन आबारा पशुओं की बाढ़ से किसान खेती करना छोड़ रहा है। अतः सरकार से इन आबारा गौवंश के लिये गौशाला खुलवायी जाये। बीमा कंपनी किसानों के साथ धोखाधड़ी कर किसानों से ठगी कर रही है। इस तरह की धोखाधड़ी से किसानों को छुटकारा दिलाया जाये। साथ ही किसानों के हुये नुकसान की भरपाई करायी जाये। किसानों की कर्ज माफी में समूचे प्रदेश में लघु व सीमांत का एक जैसा सर्कुलर लागू है। जबकि पूर्वाचल व पश्चिमांचल की तुलना में बुंदेलखंड की पैदावार केवल 25 प्रतिशत है। सरकारी आंकड़ों के आधार पर बुंदेलखंड में पानी का कोई स्थायी साधन नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुये लघु व सीमांत की सीमा बुंदेलखंड क्षेत्र में कम से कम 5 हैक्टेयर की जाये। नहरों को फुलगेज से तत्काल चालू कराया जाये। इसी तरह से जिले में 680 राजकीय नलकूपों का संचालन भी पूरी ताकत से कराया जाये ताकि अधिक से अधिक जमीन का पलेवा हो सके। भाकियू ने किसानों के मसीहा रहे स्व. चौधरी महेंद्र सिंह की जयंती 6 अक्टूबर को शासन स्तर ने मनायी जाये। इस दौरान रामपाल प्रधान मुसमरिया, लल्लूराम प्रधान गढ़र, दशरथ सिंह कुशवाहा, शशिकांत रिछारिया, मैथिली तिवारी, संतोष निरंजन, चंद्रमोहन, गुलाब सिंह, रामप्रताप घमूरी, अश्वनी तिवारी भुआ सहित अनेकों किसान उपस्थित रहे।






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