
उरई । कलेक्ट्रेट परिसर में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका एसोसियेशन का आज शुक्रवार को 20 वें दिन भी धरना जारी रहा जिसकी अध्यक्षता आंगनबाडी संघ की प्रदेश प्रवक्ता एवं संगठन मंत्री यासमीन खातून ने की तथा संचालन जिलाध्यक्ष संगीता सिंह ने किया। लंबे समय से उपेक्षा से आहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में भाग लेने के लिये प्रस्थान करेगी। वहीं कार्यकत्रियों के आंदोलन के रास्ते पर चलने के बाद से जनपद के सभी सेंटरों में तालाबंदी होने से बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरण भी बंद हो गया है।
धरना सभा सम्बोधित करते हुए प्रदेश संगठन मंत्री यासीन खातून ने कहा कि समूचे प्रदेश के जनपदों में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जनपद मुख्यालयों पर चल रहे आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के 20 दिन धरना प्रदर्शन करते हुए गुजर गया है मगर सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है। जिसकी बजह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं में सरकार के विरोध में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को 17 सूत्रीय मांगों के विरोध में प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकायें लखनऊ पहुंच कर विधानसभा का घेराव कर मांगों को मानने के लिए मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम लोग अब पीछे हटने वाले नहीं है जब तक प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों को सरकार मान नहीं लेती है और निरंतर संघर्ष सरकार के विरोध में जारी रहेगा। संगठन की जिलाध्यक्ष संगीता सिंह ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की सरकार ने चुनाव के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भरोसा दिलाया था कि सरकार बनने के बाद उनकी समस्याओं को पूरा कर दिया जायेगा मगर आज छह माह बने प्रदेश की भाजपा सरकार को गये इसके बाद भी वह अपने किये गये वायदो से मुकर गयी है जिसकी बजह से हम लोगों को सरकार के विरोध में संघर्ष करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। संगठन की अध्यक्ष संगीता सिंह ने उपस्थित बहिनों से कहा कि 10 अक्टूबर को मांगों को लेकर लखनऊ सचिवालय का घेराव करना जिसमें जनपद जालौन से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी दिखाने के लिए चलना है जिससे वहां पर अपनी ताकत का एहसास सरकार को दिखाकर मांगे मनवाई जा सकें। धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सरला देवी, सविता कनौजिया, अरुणा पांडेय, अर्चना सिंह, सविता विश्वकर्मा, रानी दीक्षित, सुधा, राजवती, सुनीता, गीता, माया, रेवती देवी, साधना, सावित्री, विमला, शांती, स्वेता, राजेश्वरी, उमाकांती, संतोषी, नीतू, आशा गुप्ता, सुनीता, माया देवी, सोहनी, चन्द्रमुखी, रजिया बेगम, सरला रिछारिया, अनीता, मिथला गुप्ता, श्यामकली, कमला श्रीवास्तव, रिहाना, पुष्पा, मिथलेश, राधा देवी, मीरा, शांति, रामकुमारी, मिथलेश कुशवाहा, सुनीता वर्मा, रानी देवी, सरोज, मुन्नी देवी, सरला देवी, कल्पना, संगीता शिवहरे, सविता कनौजिया, सुशीला देवी, शकुन्तला देवी, विमला देवी सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकायें मौजूद रही। अपरान्ह दो बजे तक धरना प्रदर्शन को अनेकों कार्यकत्रियों ने संबोधित करते हुये केंद्र व प्रदेश सरकार को कोसती नजर आयी।







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