
उरई । चुर्खी थाने के नूरपुर गाँव में मवेशियों के बाड़े में सो रहे वृद्ध की गला रेत कर हत्या कर दी गई । गाँव में लगातार दूसरे हफ्ते हुई भयावह घटना से नाराज ग्रामीणों ने डी एम के मौके पर न आने तक शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को न उठाने देने का ऐलान कर दिया । तनाव बढ़ता देख थाना पुलिस के हाथ पैर फूल गए जिससे एस ओ ने अधिकारियों को सूचना दी । बाद में पुलिस के उच्चाधिकारियों ने गाँव आ कर स्थिति को सम्हाला ।
उक्त गाँव में पशु बाडे में सो रहे भगौने प्रजापति ( 65 वर्ष ) की रात में अज्ञात लोगों ने छुरी से गला काट कर निर्मम हत्या कर डाली । सुबह जब परिजनों ने खून से लथ-पथ उनका शव देखा तो घर में कोहराम मच गया । एक सप्ताह पहले इन्ही हालातों में शिव बालक यादव को छुरी से रेत कर मरणासन्न कर दिया गया था जो अभी भी ग्वालियर में अस्पताल में भर्ती ज़िंदगी और मौत के संघर्ष से जूझ रहे हैं ।
उधर भगौने के शव के पास एक पत्र भी मिला है जिसमें शिव बालक पर हमले में जेल में बंद छोटे बाल्मीकि के भाई देवीदयाल की ओर से लिखा गया है कि जब तक उसके भाई को जेल से बाहर नहीं निकलवाया जायेगा वह गाँव में खून खराबा करता रहेगा हालांकि पुलिस पत्र को संदिग्ध मान रही है ।
इसी बीच सुबह उस समय तनाव पूर्ण स्थिति बन गई जब मृतक के परिजनों और गाँव वालों ने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए सील बंद करने से रोक दिया । गाँव वालों का कहना था कि जब तक जिलाधिकारी उनके सामने आ कर गाँव में हो रही सनसनीखेज घटनाओं को प्रभावी तरेके से रोकने का आश्वाशन नहीं देंगे , शव को नहीं उठाने दिया जायेगा । बाद में अपर पुलिस अधीक्षक एस के तिवारी और कालपी सर्किल के उपाधीक्षक सुबोध कुमार ने आ कर गाँव वालों को समझाया तब स्थिति शांत हुई । पुलिस शव को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए ले गई है ।






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