
कोंच-उरई । दीपावली का त्योहार नजदीक होने के चलते कोंच और बाहर की मंडियों में खोवा की मांग में जबर्दस्त इजाफा हुआ है जिसका फायदा माफिया और नकली सिंथेटिक खोवा बनाने बाले खूब उठा रहे हैं। कोंच के बाजार में नकली खोवा की भरमार है लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग आंखें मूंदे सब कुछ धृतराष्टï्र की तरह देख रहा है। नदीगांव इलाका इस नकली के निर्माण के मामले में काफी कुख्यात है, बीहड़ के ऊंचे नीचे टीलों के बीच धधकती भट्ठियां हर रोज कुंतलों खोवा तैयार करके कोंच और यहां से बाहर की मंडियों में खपाया जा रहा है।
गायें और भैंसें न के बराबर होने के बाबजूद आसपास के ग्रामीण अंचलों से कुंतलों खोवा कोंच और बाहर की मंडियों को रोजाना सप्लाई किया जाता है। इस ओर से खाद्य विभाग भी आंखें मूंदे बैठा है और नकली व मिलावटी का यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। बताना समीचीन होगा कि यहां इलाके में गायों और भैंसों की खासी कमी है, इतनी कि बच्चों के पीने के लिये भी दूध के लाले हैं। इसके बाबजूद यहां खोवा का अबैध कारोबार खूब फलफूल रहा है। ग्रामीण अंचलों में सबसे ज्यादा नकली और मिलावटी का यह काला कारोबार चल रहा है। सूत्रों की अगर मानें तो नदीगांव इलाके में पहूज बीहड़ पट्टी के ऊंचे नीचे टीले नकली खोवा बनाने के लिये सबसे ज्यादा मुफीद साबित हो रहे हैं जहां तमाम भट्ठियां धधक रहीं हैं और निर्मित माल को वहां से चोरी छिपे यहां भेजा रहा है। माल अगर कम है तो रोडवेज बसों के मार्फत और ज्यादा हुआ तो लोडरों में लाद कर प्रतिदिन कोंच, जालौन, झांसी, दतिया, कानपुर जैसी बड़ी मंडियों को सप्लाई किया जाता है। जनस्वास्थ्य की चिंता करने बाला विभाग खाद्य सुरक्षा विभाग भी इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। अगर सुबह सबेरे बस अड्डे पर ही छापा मारा जाये तो कई कुंतल खोवा खाद्य विभाग के हाथ लग सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार…
नकली के इस गोरखधंधे को लेकर जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी मानसिंह निरंजन से बात की गई तो उन्होंने इस तरह के अबैध कारोबार के संज्ञान में नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा है कि त्योहार से पहले अभियान चलाया जायेगा और छापेमारी की जायेगी। जहां भी नकली खोवा या अन्य खाद्य सामग्री मिलेगी उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी।






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