कोंच-उरई। बीती रात किन्हीं अराजक तत्वों ने झीलरा गांव के स्कूल में स्थापित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अंगभंग करने का प्रयास किया जिसमें किसी हद तक वे कामयाब भी रहे। बाबा साहब की अंगुली, हाथ में पकड़ा गया संविधान और चश्मा क्षतिग्रस्त हो जाने की खबर जैसे ही प्रशासन को लगी, तत्काल मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और आनन फानन प्रतिमा के क्षतिग्रस्त अंगों की रिपेयरिंग कराई। स्थिति को संवेदनशील मानते हुये तीन थानों की पुलिस फोर्स के अलावा एसडीएम व सीओ भी मौके पर पहुंच गये थे। फिलहाल, इस घटना को लेेकर वहां स्थिति पूरी तरह शांत है, ग्रामीणों का भी मानना है कि यह किसी सिरफिरे की कारस्तानी हो सकती है। घटना को लेकर न तो किसी प्रकार की उत्तेजना है और न ही ग्रामीणों ने किसी पर संदेह जताते हुये एफआईआर ही लिखाने का प्रयास किया है।
कोंच तहसील क्षेत्र और नदीगांव थाने के गांव झीलरा में गांव के बाहर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय के संयुक्त परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। बताते हैं कि इस प्रतिमा की स्थापना बर्ष 1997 में की गई थी। कल शाम तक वहां सब कुछ ठीक ठाक था लेकिन आज सुबह बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो बाबा साहब की प्रतिमा के आसपास काफी मात्रा में ईंटा पत्थर पड़े थे और प्रतिमा के एक हाथ की अंगुली, दूसरे हाथ में थामा गया संविधान तथा चश्मा क्षतिग्रस्त पड़े थे। स्कूल के हैडमास्टर रमेशचंद्र वर्मा ने तत्काल ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामअनुग्रह सिंह को सूचना देने के साथ ही डायल 100 पर भी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही एसडीएम कोंच सुरेश सोनी, सीओ रुक्मिणी वर्मा तथा इलाकाई नदीगांव थाना प्रभारी रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी अपने थानेदारों और फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गये। ऐहतियात के तौर पर रेंढर तथा कैलिया थानों की पुलिस को भी बुला लिया गया था। हालांकि घटना के बाद गांव या आसपास के इलाके में किसी तरह की उत्तेजना नहीं देखने को मिली। ग्रामीणों ने भी माना कि किसी सिरफिरे की कारस्तानी हो सकती है।
स्थिति बिल्कुल सामान्य है-सीओ
मौके से लौट कर सीओ रुक्मिणी वर्मा ने बताया कि वहां स्थिति आम दिनों की तरह बिल्कुल सामान्य है, ग्रामीणों ने किसी पर भी संदेह जाहिर नहीं किया है और न ही वे रिपोर्ट लिखाने के प्रति उत्सुक हैं। कारीगर बुलवा कर प्रतिमा की रिपेयरिंग करा दी गई है, रिपेयर्ड जगहों पर सिर्फ पेंट होना शेष रह गया है। उन्होंने बताया है कि फिलहाल, ऐहतियात के तौर पर वहां पुलिस कैम्प कर रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह काम किसका हो सकता है। संज्ञान में आते ही उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही जरूर की जायेगी ताकि दोबारा कोई इस तरह की हिमाकत नहीं कर सके।
काम आई प्रशासन की सूझबूझ
कोंच तहसील के ग्राम झीलरा में बाबा साहब की प्रतिमा के साथ जो कुछ हुआ उससे हालात बिगड़ भी सकते थे लेकिन स्थिति बिल्कुल सामान्य होने के कारण दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पहला और सबसे बड़ा कारण तो यह है कि जिस गांव की यह घटना है उसकी आबादी लगभग तीन सौ के आसपास है और सभी एक ही जाटव या दोहरे विरादरी के हैं और घटना को अंजाम देने वाला भी उसी विरादरी का कोई नशेड़ी टाइप का व्यक्ति हो सकता है। किसी अन्य जाति का वहां एक भी घर नहीं है। दूसरा, प्रशासन ने समय रहते जिस तरह से डैमेज कंट्रोल किया उससे किसी तबके को सिर उठाने का मौका भी नहीं मिल सका।

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