उरई कस्बा कोटरा में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने अपने अभिनय का जौहर दिखाते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। स्वामी विवेकानंद शिक्षा मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मानस मर्मज्ञ राजेश्वरानंद पचोखरा ने सरस्वती मां के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि के रूप में पधारे राजेश्वरानंद ने अपनी ओजमयी वाणी से भगवान राम की महिमा का गुणगान करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजकों को प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए जो बच्चों की प्रतिमा को निखारते रहें। तदुपरांत हनुमान गढ़ी अयोध्या से पधारे महंत कल्याण दास ने अपने प्रवचनों में भगवान राम के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रारंभ में विवेकानंद शिक्षा मिशन की बहनों ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। फिर क्या था एक के बाद एक कई रंगारंग कार्यक्रमों ने जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत, क्रांतिकारियों की अमरगाथा जैसे सामाजिक कार्यक्रमों की प्रस्तुत देकर लोगों को हैरत में डाल दिया। इसी क्रम में मिशन की छात्राओं ने एक कव्वाली के माध्यम से कौमी एकता का संदेश दिया। स्वामी विवेकानंद शिक्षा मिशन के छात्रों ने सरदार भगत सिंह के योगदान को एक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए लोगों में देशप्रेम की भावना को जाग्रत किया। इस अवसर पर आए हुए बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष गौरीशंकर बिदुआ ने किसानों के बच्चों की दुर्दशा का वर्णन किया। उक्त कार्यक्रम में आरएसएस व हिंदू जागरण मंच के उच्च पदाधिकारी भी उपस्थित रहकर बच्चों को प्रोत्साहित करते रहे जिनमें हिंदू जागरण मंच कानपुर के प्रांतीय संगठन मंत्री राजेश मिश्रा, हिंदू जागरण मंच के ही प्रांतीय अध्यक्ष डा. रामप्रकाश द्विवेदी, संघ के जिला कार्यवाह आशीष जी, सह खंड कार्यवाह सत्यनारायण, पूर्व खंड कार्यवाह रामलाल निरंजन, विभाग सेवा प्रमुख पूरन लाल तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता शंभू दयाल, गुरुप्रसाद शर्मा जिला महामंत्री भाजपा, भाजपा के ही अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा पुर, भाजपा के मंडल महामंत्री दुष्यंत निरंजन, भाजपा अध्यक्ष एट बृजेश निरंजन आदि प्रमुख हैं। आयोजन मेें युवा वाहिनी हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय महामंत्री मोहित तिवारी, मिशन के प्रबंधक अवनीश व्यास तथा भागवताचार्य पं. कृष्णबिहारी तिवारी की प्रमुख भूमिका रही।






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