उरई। जन प्रतिनिधियों के संरक्षण में जिले में सीएम योगी की मंशा को धता बताते हुए अवैध खनन और ओवर लोडिंग के धंधे पर प्रशासन ने मोहलत पाकर बुधवार को गाज गिरा दी। योगी सरकार ने जब अवैध खनन के मामले में जीरो टाॅयलेंस की नीति अख्तियार की थी तो अधिकारियों ने भी कमर कस ली थी कि वे इसमें कोई ढील नही होने देगें। लेकिन जन प्रतिनिधियों ने ही उनके हौसले पस्त कर दिये उनके दबाब की वजह से रामपुरा, कोटरा और कदौरा आदि के बालू से लबालब क्षेत्रों में रात के अंधेरे में अवैध खनन का सिलसिला चल पड़ा। मध्य प्रदेश से अवैध खनन करके लाई जाने वाली बालू के धंधे का भी बाजार गरम हो गया जिससे योगी सरकार के इरादों की धज्जियां उड़ गईं। इसके बावजूद प्रशासन न चाहते हुए भी लाचार बना रहा। अब जब कि जन प्रतिनिधि आज से कानपुर में शुरू दो दिन के भाजपा के मंथन में उलझ गये हैं, अधिकारियों को मौका मिल गया तो उन्होंने अवैध कारगुजारियों पर गाज गिराने में कसर बांकी नही रखी। अपर जिलाधिकारी आरके सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक एसके तिवारी ने आटा में हाईवे पर प्रवर्तन के दोनों आरटीओ और खनिज अधिकारी के साथ चैकिंग अभियान चलाया। इसी तरह मध्य प्रदेश के बालू माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए माधौगढ़ में अलग चैकिंग अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने 18 ओवर लोड ट्रकों को सीज करा दिया जबकि 7 ओवर लोड ट्रकों का चालान करा डाला। प्रशासन की इस कार्रवाई से जन प्रतिनिधि सकपका गये। लेकिन राज्य कार्यकारिणी की बैठक चलने से किसी माननीय की हिम्मत किसी अधिकारी को आंखे दिखाने की नही हुई।

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