
उरई । शुक्रवार को देर शाम कोंच कस्बे में कतिपय लोगों द्वारा पुलिस के साथ की गई मारपीट के मामले में कोतवाली पुलिस ने तकरीबन दो दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। आरोपियों में चार महिलायें भी शामिल हैं। कई जगहों पर दबिशें मार कर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उधर, इस घटना के बाद से इलाके में सन्नाटा पसरा है और अधिकांश घरों के युवा भागे हुये हैं जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
शुक्रवार को शाम साढे सात बजे के आसपास कोंच में फुट पैट्रोलिंग से लौट रहे सुरही चौकी इंचार्ज सुरेन्द्रनाथ सिंह और सिपाही गजेन्द्र की धनुताल इलाके में एक गुमटी पर कतिपय अराजक तत्वों से भिड़ंत हो गई थी जिसमें पुलिस को मार खानी पड़ी थी और सिपाही गजेन्द्र बुरी तरह घायल हो गया था। इस घटना से गुस्साई कोतवाली पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ सर्च अभियान छेड़ कर रात में ही पांच लोगों को हिरासत में ले लिया था। चूंकि मामला पुलिस के साथ की गई मारपीट का था सो पुलिस पूरी रौ में थी, जो जहां मिला उसे उठा कर हवालात में डाल दिया गया। देर रात ऑपरेशन से फारिग होने के बाद उठाये गये लोगों से की गई पूछताछ के आधार पर जो नाम निकल कर सामने आये, ऐसे इक्कीस लोगों के खिलाफ एफआईआर आईपीसी की धारा 147, 148, 132, 353, 308, 504 तथा 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट में सुरही चौकी इंचार्ज सुरेन्द्रनाथ सिंह ने दर्ज कराई है । एफआईआर में चार महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है। जिनमें पांच लोगों मानसिंह पुत्र चतुरसिंह, उमेश कुशवाहा पुत्र रामस्वरूप, परमसिंह पुत्र भगवतसिंह, शंकर पुत्र रामदेव कुशवाहा तथा मनोज पुत्र भगवतसिंह निवासी गोखलेनगर कोंच को जेल भेज दिया गया है।
इंसेट में-
पहले हुई घटनाओं पर नहीं संज्ञान लेने से बढे अराजक तत्वों के हौसले
कल शाम पुलिस के खिलाफ घटी घटना स्थानीय पुलिस की ढील पोल का नतीजा है। इससे पूर्व भी कमोवेश कोंच के उसी इलाके में अराजक तत्वों की पुलिस के साथ कई बार भिड़ंत हो चुकी है लेकिन पुलिस ने उन मामलों को निपटा लिया था और हमलावरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करके अराजक तत्वों की एक तरह से हौसला अफजाई की थी जिसका परिणाम बीती रात फिर सामने आया और पुलिस को मार खानी पड़ी।






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