
उरई । ओवरलोड मौरम भरकर गंतव्य स्थानों के लिये फर्राटे भरने वाले वाहनों की चेकिंग के लिये शनिवार की प्रातः 4 बजे के लगभग जालौन उप जिलाधिकारी व एआरटीओ ने कुठौंद क्षेत्र में चेकिंग शुरू की तो एक के बाद एक 16 ट्रक ओवरलोड मौरम भरे पकड़े गये। जिन्हें एआरटीओ ने अपने चश्मे से देखा तो उन्हें सभी वाहनों में अंडरलोड मौरम भरी नजर आयी तो उन्होंने एक भी वाहन को सीज न करते हुये छोड़ दिया। अब एआरटीओ को ओवरलोड मौरम भरे वाहन अंडरलोड कैसे नजर आये यह तो वही बता सकते हैं। कहीं इस खेल के पीछे उनके ऊपर राजनैतिक दबाब के चलते ओवरलोड को अंडरलोड बताकर छोड़ना के पीछे कुर्सी को सुरक्षित रखना तो नहीं।
शनिवार की प्रातः जब समूचा जनपद गहरी नींद में सो रहा था उसी दौरान एआरटीओ धनवीर यादव अपने कर्मियों के साथ जालौन नगर में पहुंचे जहां वह उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह के साथ जालौन से औरैया रोड पर फर्राटा भरने लगे। काफिला जैसे ही कुठौंद के आगे पहुंचा तो वह रुक गया। उस दौरान प्रातः के चार बजे थे। उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह जहां हवाई चप्पल पहने ही चल दिये थे तो एआरटीओ धनवीर यादव तैयार होकर निकले थे। कुठौंद के समीप जैसे ही वाहनों की चेकिंग शुरू हुयी तो थाना पुलिस भी मौके पर आ गयी और थोड़ी ही देर में एक के बाद एक ओवरलोड मौरम भरे 16 ट्रकों को पकड़ लिया गया। पकड़े गये सभी ट्रकों में ओवरलोड मौरम भरी हुयी थी। लेकिन हैरत की तो यह है कि एआरटीओ धनवीर यादव ने सभी ओवरलोड मौरम वाहनों को अंडरलोड मौरम भरी बताकर गंतव्य के लिये रवाना करवा दिया। एआरटीओ द्वारा किसी भी ओवरलोड मौरम भरे वाहन को सीज करना जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस बल के जवानों ने भी सभी वाहनों में ओवरलोड मौरम भरी अपनी आंखों से देखी थी। ओवरलोड वाहनों को इस तरह से पकड़ने के बाद छोड़ने की परंपरा को एआरटीओ ने किस मजबूरी में अमल में लाये यह तो वही बता सकेंगे। ओवरलोड मौरम भरे वाहनों को छोड़ने के मामले में एआरटीओ कार्यालय के सूत्रों की मानें तो एआरटीओ धनवीर यादव अपनी कुर्सी बचाये रखने से जोड़कर देख रहे हैं।






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