
उरई । पारिवारिक अलगाव से जूझ रहे बुजुर्गों के साथ वृद्धाश्रम मनाने में दीपावली की रोशनी का निखार अनूठा हो गया । मौका था धनतरेस का जब सी बी एस सी स्कूलों के प्राइवेट टीचर प्रसिद्ध युवा चित्रकार रोहित विनायक के नेतृत्व में इनके बीच पहुँचे और इन्हे उपहार बाँटे । अपनत्व की ऊष्मा का स्पर्श पा कर बुजुर्गों की आँखें भींग आयीं ।

राठ रोड पर चल रहे वृद्धाश्रम में 60 ऐसे बुजुर्ग रह रहे हैं ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव पर जिन्हे अपनों ने ठुकरा दिया था । किसी के स्नेह की छांव के लिए तरसते इन बुजुर्गों के बीच जब मंगलवार की शाम ये शिक्षक पहुँचे तो जैसे उनकी जिंदगी के सूखे में फिर हरियाली आ गई । संवासी बुजुर्गों को नए कपड़े और मिठाइयाँ बाँटने के अलावा रोहित ने सभी को अपनी ओर से 1-1 हजार रुपये नकद दिये । बुजुर्गों की प्रतिक्रिया देख अपनी पहल की सार्थकता का एहसास करके टीचरों को तो उनसे ज्यादा आनंद महसूस हो रहा था ।

इस अवसर पर रोहित विनायक ने बताया कि इन लोगों को हैंडीक्राफ्ट , अगरबत्ती , मोमबत्ती , पापड़ और अन्य उपयोगी सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा । इससे यह पारिवारिक त्रासदी की यादों से तो उबर ही सकेंगे , इनको कुछ आमदनी भी होने लगेगी जिससे ये अपनी रोजमर्रा की इच्छाएँ पूरी कर सकेंगे ।
इस अवसर पर सुरेन्द्र त्रिपाठी , जोगेन्द्र सिंह , नवनीत श्रीवास्तव , डॉ विवेक सक्सेना , अनीता रायजादा , रजनी सिंह , डॉ ममता स्वर्णकार , युद्धवीर सिंह कंथरिया , हिमांशु श्रीवास्तव , मनीष गुप्ता , प्रीति बंसल , प्रियंका गुप्ता संजय गुप्ता के अलावा आशुतोष शर्मा , महेंद्र यादव , धर्मेन्द्र कश्यप , सनी वर्मा , ऋषि , विजय , डी पी सर , के सरन शाण्डिल्य , योगेंद्र गुप्ता , प्रणति शुक्ला , अमन पालीवाल , दीपक गौतम , उमेश राजपूत , लखन लाल , हवेन्द्र सर , श्रीकांत , विजय ठाकुर , बृजेश गौर सहित चार दर्जन लोगों की उपस्थिति से माहौल गुलजार रहा ।







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