
कोंच=उरई । समूह पदाधिकारियों के नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नावार्ड के सहयोग से समर्पण जन कल्याण समिति कोंच द्वारा नदीगांव ब्लॉक के ग्राम महेशपुरा में किया गया। अध्यक्षता नावार्ड के जिला विकास प्रबंधक प्रकाशकुमार ने की, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्राम किसान महिलायें ग्रामीण विकास की आधार स्तंभ व ग्रामीण पुननिर्माण की वास्तविक वाहक हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं के अंदर आत्म विश्वास व नेतृत्व विकास को उभारना है ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम बनने के लिये स्वयं पहल कर सकें तथा घर व समाज में सम्मान हासिल कर सकें।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र (आरसेटी) उरई के समन्वयक ने कहा कि इलाहावाद बैंक द्वारा संचालित आरसेटी उरई में ग्रामीण महिलायें एवं युवाओं को उनकी रूचि के अनुसार कृषि व अकृषि आधारति स्वरोजगार नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर बैंक के सहयोग से व्यवसायी बन सकते हैं। प्रशिक्षण संबंधी पैम्फलेट्स भी सभी को वितरित किये।
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक सामी के सहायक प्रबंधक ने बैंक से सहायता लेकर सीसीएल व ग्रेडिंग की जानकारी दी। ग्राम बुढ़ेरा, धौरपुर तथा महेशपुरा की विभिन्न समूहों की पचास पदाधिकारियों ने जहां अपने अपने समूहों बैकों के कार्य व्यवहार के बारे में मिलकर प्रस्तुतीकरण किया वहीं बकरी पालन व सब्जी उत्पादन के द्वारा आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिये योजना पर समझ बनायी। सभी महिला नेतृत्व कर्ताओं ने सभी बालक बालिकाओं को नियमित स्कूल भेजने, विद्यालय में जाकर निगरानी करने का निर्णय लिया। समर्पण के संयोजक राधेकृष्ण ने कहा कि पहूज नदी के किनारे बसे गांव महेशपुरा, धौरपुर, बुढेरा की अशिक्षित महिलाओं ने सामूहिक अल्पबचत ,आंतरिक लेनदेन कर तथा बैकों के साथ तालमेल कायम किया है तथा 8 से 10 किमी0 की दूरी पैदल चलकर सामूहिक कार्ययोजना बकरी पालन प्रबंधन की समझ व तैयारी की है। नावार्ड द्वारा सहयोग करने की स्वीकृति से बकरी पालन से स्वावलंबन की शुरुआत हो सकेगी। नावार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने बकरी बैंक लखनऊ में प्रशिक्षण कराने व मॉडल बकरी पालन यूनिट शुरू करने में सपर्मण के माध्यम से परियोजना प्रस्ताव बनाकर सहयोग करने का ऐलान किया। कार्यक्रम समन्वयक बलवीरसिंह, कार्यक्रम सहायक प्रदीपकुमार एवं कार्यक्रम प्रभारी मनोरमा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालन में सहयोग किया।






Leave a comment