
उरई। बिजली विभाग निजी बोरिंग कराने वाले किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध नही करा पा रहा है जिससे उनकी लागत तो फंस गई है लेकिन वे सिचाई का लाभ नलकूप से हासिल नही कर पा रहे हैं।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद दक्षिणांचल निगम के वित्त निदेशक केसी पांडेय ने जिले का दौरा किया। लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में पत्रकारों से उन्होंने संक्षिप्त वार्ता की। इस दौरान उन्होंने ट्रांसफार्मर की समय से व्यवस्था न होने की वजह से किसानों को हो रही परेशानी की बात स्वीकार की।
पांडेय ने बताया कि इस वर्ष 400 किसानों को नलकूप कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिनमें से 262 को कनेक्शन दिया जा चुका है। पंजाब से इसी हफ्ते 40 और ट्रांसफार्मरों की खेप आने वाली है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता ठीक न होने के कारण बार-बार उनके फुंकने की शिकायतें किसान कर रहे हैं। इस पर गौर किया जा रहा है ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता ठीक कराई जायेगी।
इसके पहले उन्होंने कालपी रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र और स्टोर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी कमी तारों की उपलब्धता की है। जिसकी वजह से आपूर्ति बाधित होने पर ठीक करने में देर होती है। आश्वासन दिया कि इस कमी को जल्द पूरा किया जायेगा।
केसी पांडेय ने कहा कि बकाया वसूली के लिए लंबे समय से चल रहे अभियान के बावजूद स्थिति संतोषजनक नही हो पाई है जिससे बिजली बोर्ड संसाधनों की कमी से जूझ रहा है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने में रुकावट आ रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में कनेक्शन देने के लिए और ज्यादा शिविर लगाये जायेगें।
उरई में अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने के काम को लेकर उन्होंने कहा कि अभी 30 प्रतिशत काम हुआ है। इसमें गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखने के निर्देश संबंधितों को दिये गये हैं। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशाषी अभियंता तरणवीर सिंह उनके साथ रहे।






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