उरई।
ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ समन्वय समिति उत्तर प्रदेश जनपद शाखा जालौन की आवश्यक बैठक विकास भवन उरई में जिलाध्यक्ष नरेशचंद्र द्विवेदी एवं मनोज गुप्ता की संयुक्त अध्यक्षता में की गई।
बैठक में समस्त कर्मचारियों द्वारा उनके दैनिक शासकीय कार्यो में आ रही समस्याओं के संबंध में प्रशासन के समक्ष ध्यान आकृष्ट कराने हेतु निम्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया जाएगा एवं प्रशासन द्वारा उनके निराकरण की मांग की गयी। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उत्पीड़न कर मानसिक तौर पर दबाव बनाया जा रहा है जबकि प्रधानामंत्री आवास योजना ग्रामीण एक लाभार्थीपरक योजना है लाभार्थियों को ही इसकी धनराशि दी जाती है। आवास निर्माण न होने पर लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है जबकि शासन द्वारा प्रधान एवं सचिव के अधिकार क्षेत्र से अलग रखा गया है। मार्निंग फालोअप सप्ताह में तीन दिन जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। बैठक में यह भी मांग की गई कि मार्निंग फलोअप सप्ताह में एक दिन सायंकालीन समस्त ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से की जाए। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि ग्राम पंचायत में जितनी भी लाभार्थीपरक योजनाएं है उन योजनाओं का लाभार्थियों के द्वारा क्रियान्वयन न किए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव का उत्पीड़न न किया जाए एवं जिला स्तरीय बैठकों में उच्चाधिकारियों द्वारा हम लोगों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है जो कि न्यायोचित नही इस तरह की भाषा का प्रयोग बंद होना चाहिए। बैठक में शौचालय निर्माण में ग्राम पंचायत के खाते में धनराशि के अभाव में शौचालय का निर्माण कार्य अवरूद्ध है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के मौखिक आदेश पर ग्राम निधि खाते से धनराशि निर्मल भारत अभियान के खातों में अन्तरण के लिए कहा गया है जिस पर ग्राम प्रधानों द्वारा विरोध किया जा रहा है उपरोक्त के संबंध में लिखित आदेश जारी किया जाए। बैठक में विकासखंड स्तरों पर अनौपचारिक तरीके से रोज-रोज आकस्मिक बैठके बुलायी जाती है जबकि विकासखंड स्तर पर साप्ताहिक बैठक के अलावा अन्य बैठक बुलाने हेतु लिखित आदेश की मांग की गयी। बैठक में नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों की जनवरी 17 का वेतन अभी तक अदेय है एवं मार्निंग फालोअप के परिपे्रक्ष्य में 27 सितम्बर 17 का वेतन दिलवाये जाने की मांग की गयी। बैठक में में सर्वसम्मत से यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त मांगों पर दस दिन के अंदर जिला प्रशासन द्वारा निराकरण नही किया जाता तो दोनो संगठन आंदोलन करने के लिए विवश होगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। बैठक में रामबिहारी वर्मा, पवन तिवारी, मनोज गौतम, रमेश उदैनिया, अश्वनी गुबरैले, प्रवीर रत्नम, देवेन्द्र सिंह, नौशाद अली, रामकुमार, जगत नारायण, रामबरन सिंह, दिलीप निरंजन, धीरेन्द्र सिंह, कुलदीप वर्मा, सुमित यादव, हर्षिता गुप्ता, मेहरवान सिंह, मनीराम, संदीप गुप्ता, कृष्णमुरारी विद्यार्थी, देवेन्द्र मिश्रा द्वारिका गुप्ता आदि उपस्थित रहे।





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