वादकारी परेशान, अधिवक्ता चिंतित, बार संघ मौन
कालपी(उरई )। सिविल जज जूनियर डिजीवन कालपी का पद आठ माह से रिक्त होने के कारण दीवानी व फौजदारी के हजारों मुकदमे लंबित पड़े होने के कारण वादकारी परेशान है वहीं अधिवक्ता भी लंबे समय से रिक्त पद से खासे आक्रोशित है।
विदित हो कि पिछले 24 मार्च 17 को कालपी मुंसिफ मजिस्टेªट का. निशांत मान का कालपी से स्थानांतरण हो गया है तथा इस अदालत में फौजदारी व दीवानी के करीब पांच हजार वाद चल रहे है जिनके संचालन हेतु वादियों को कालपी से 35 किमी दूर उरई जाना पड़ता है जिससे वादकारियों का अधिक धन अपव्यय हो रहा है। विगत आठ माह से सिविल जज जूनियर डिवीजन कालपी का पद रिक्त होने के बाद भी कालपी बारसंघ के पदाधिकारी भी उदासीन रवैया अपनाये हुए और यादि कालपी बारसंघ प्रयास करता तो उक्त पद हेतु कोई भी जज भेजा जा सकता था और शायद अभी भी बारसंघ कालपी इस ज्वलंत समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत नही है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र सिंह, शरद अपूर्व श्रीवास्तव एड, रानू खान एड, मु. शफीक एड, उदय सिंह यादव एड, राकेश प्रनामी एड, जयवीर सिंह यादव आदि अधिवक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कालपी मुसिफी का पद रिक्त होने से वादकारियों तथा अधिवक्ताओं के लिए दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने जिला जज उरई से उक्त समस्या के निदान की मांग की है। बारसंघ अध्यक्ष रामकुमार तिवारी का कहना है कि बारसंघ के पदाधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करेगे।





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