कालपी(उरई )। कालपी पालिका चुनाव में शहर के वार्डो में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है कुछ वार्डो में पार्टी द्वारा टिकट बदलने और पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं को टिकट न होने से चुनावी रंगत में गर्माहट पैदा हो गई है। कालपी नगर के सबसे बड़े वार्ड संख्या तेरह टरननगंज जिसमें सबसे अधिक मतदाता 2256 के करीब है। जो क्षत्रिय बाहुल्य होने के साथ ब्राहम्ण, वैश्य, मुस्लिम और दलित मतों से सुसज्जित है। परन्तु इस वार्ड में सबसे कम 850 के आसपास ही मतदान हो पाया है जिसके कई कारण बताये जा रहे है। इस वार्ड में बसपा से दिलीप पाठक, भाजपा से सुरजीत सिंह तथा सपा से अभिषेक पुरवार के बीच रोमांचक मुकाबला है। इस वार्ड में कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रत्याशी नही उतारा है बजह जो भी रही हो। इस महत्वपूर्ण वार्ड से पहले भाजपा ने अमरजीत पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित किया था और अंत में भाजपा ने प्रत्याशी बदलकर सुरजीत को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया जिससे चुनावी रंगत में चुनाव दौरान खासी गर्माहट महसूस की जाती रही। नगरीय सूत्रों की माने तो इस वार्ड में डबल वोटिंग के मतदाताओं की संख्या लंबी है और वह अधिकांश मत भाजपा के बताये जाते है तथा भाजपा की कड़ी टक्कर देने का मंसूबा वर्षो से पाले एक सपा नेता द्वारा उक्त वार्ड की मतदाताओं की निगरानी किए जाने तथा गर्मागरम चुनावी माहौल के कारण उक्त वार्ड में बाहरी मतों का मतदान कम हो पाने से मतदान बहुत ही कम करीब 38 प्रतिशत हो पाया।
इस वार्ड के बीते चुनावी इतिहास से पता चलता है कि टरननगंज वार्ड से बीते पंाच चुनावों से भाजपा प्रत्याशी विजयी घोषित होता रहा है उसमें भी चार विजयी प्रत्याशी क्षत्रिय है। जिसमें सुरेश दद्दू, श्रीमती शशि, रविन्द्र सिंह, संजय सिंह तथा ब्रजेन्द्र सिंह शामिल है। अब इस बार भी भाजपा से क्षत्रिय प्रत्याशी मैदान में है जिसके भाग्य का फैसला मतगणना से होगा। नगर के चर्चित वार्ड संख्या आठ इंदिरा नगर जहां पर भाजपा ने पहले अतुल सिंह चैहान को प्रत्याशी घोषित कर दिया यह प्रत्याशी जनसंघ से कालपी विधानसभा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके पृथ्वीराज सिंह महेबा के पौत्र है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इनका अंतसमय में टिकट काटकर अंकुर द्विवेदी को टिकट थमा दिया। इस वार्ड में बसपा से अनवार अहमद, सपा से रामनारायण शुक्ला, कांग्रेस से अमजद अली, शमीम सिद्दीकी निर्दलीय तथा अतुल सिंह चैहान निर्दलीय समेत सात प्रत्याशी मैदान में रहे। इस वार्ड में 1693 मतदाता है तथा इस वार्ड में अधिकांश सहमति के आधार पर ही प्रत्याशी जिताया जाता रहा है परन्तु भाजपा के टिकट बदलाव के कारण यह सीत प्रतिष्ठापूर्ण बन गई है और चुनावी कसमकश आखिरी तक चलती रही है। अदलसहाय वार्ड पर भाजपा के कद्दावर नेता का अंतरंग और करीबी मैदान में ही इस वार्ड पर पार्टी ने प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है। जिसका असर मतगणना के बाद ही देखने को मिलेगा। इसी क्रम में तरीबुल्दा वार्ड में भी चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने प्रत्याशी के टिकट में बदलाव किया यहां पर निषाद पार्टी के प्रत्याशी से भाजपा प्रत्याशी की प्रतिष्ठापूर्ण टक्कर होने के संकेत है। नगर के भाजपा अमेव्यदुर्ग कहे जाने पाले रावगंज वार्ड में जहां पर भाजपा से दो बार विजयी रहे प्रत्याशी हरीबाबू गुप्ता का पार्टी नेताओं ने जानबूझकर टिकट काटकर सुनील गुप्ता को पार्टी प्रत्याशी बनाया है जिससे खफा हरीबाबू गुप्ता निर्दलीय चुनाव समर में दो-दो हाथ कर चुके है। हरीबाबू गुप्ता समर्थकों को कहना है कि उनको मतदाताओं का जमकर समर्थन मिला है और मतगणना इसकी पुष्टि हो जाएगी। इसी क्रम में रामचबूतरा वार्ड में भी भाजपा टिकट को लेकर खीचतान चलती रही और भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक बाजपेयी की पुत्र वधु को वहां से टिकट न मिलने से काफी खीचतान चलती रही। उक्त वार्ड सभासदों के चुनाव में भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीटे है क्योंकि उक्त वार्डो में भाजपा नेताओं की आमने सामने खीचतान अंत तक चलती रही और नगर की जनता यह टिकट बंटवारे का खेल देखती रही। और कुछ वार्ड तो नगर में भाजपा के अमेव्यदुर्ग कहे जाते है और बडी ही गर्मजोशी और आपसी खीचतान में मतदान भी होने के संकेत है। परन्तु भाजपा उक्त वार्डो में विजयश्री प्राप्त कर पाती है या नही मतगणना के बाद पता चलेगा।







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