उरई। गधोें को जेल में निरुद्ध किये जाने के मामले के सुर्खियों में छाने के बाद जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने मंगलवार को इसे लेकर अपना स्पष्टीकरण जारी किया।
उन्होंने बताया कि जेल के आवासीय परिसर में चाहर दीवारी न होने से अक्सर आवारा जानवर आकर लोगों के घरों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। कई जानवर हिंसक रूप धारण करके बच्चों को घायल कर चुके हैं फिर भी लोग जानवर आवारा छोड़ने से बाज नही आ रहे।
गत् 26 नवम्बर को कुछ बकरियां और गधे जेल कम्पाउंड में आकर नुकसान कर गये। जिन्हें पकड़ लिया गया और खाली पड़ी बाल जेल में बांध दिया गया। बकरियों के मालिक उसी दिन उनके पास आ गये थे और गलती मनाकर बकरियां ले गये थे। गधों का मालिक अगले दिन पहुंचा तो उसे भी हिदायत देकर उसके गधे उसके सुपुर्द कर दिये गये।






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