सिरसाकलार-उरई। क्षेत्रीय किसान अन्ना पशुओं के कारण बुरी तरह त्रस्त हैं। जबकि इन पर रोक लगाने की डींग प्रशासन आये दिन हांकता रहता है।
क्षेत्र में चना, मटर, लाही की फसल पनप चुकी है। जिनके लिए अन्ना जानवर सबसे बड़ा खतरा हैं। इसलिए किसानों को रात में सर्दी की परवाह किये बिना फसलों की रखवाली के लिए खेतों में रहना पड़ता है। जखा, गिगौरा, जहटौली, भिटारी आदि गांव के लोगों ने बताया कि अन्ना पशुओं के आतंक से अफरा-तफरी फैली हुई है। इनकी वजह से फसलें तो सुरक्षित हैं ही नहीं सड़कों पर इनसे टकराकर वाहन चालक ही नही पैदल राहगीर तक घायल हो रहे हैं। कई बार क्षेत्र में गौशाला खोलने की मांग हो चुकी है लेकिन अभी तक कहीं से कोई सकारात्मक आश्वासन नही मिला है।






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