उदयपुर : नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स तथा पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांचवा राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव अल्फा़ज 2017 में आज दूसरे दिन गुरुवार शाम उत्तर भारत के सर्वाधिक सक्रिय थिएटर ग्रुप अनुकृति रंगमंडल कानपुर के कलाकारों ने शहर के दर्पण प्रेक्षागृह शिल्पग्राम में प्रसिद्ध मराठी लेखक जयवंत दलवी  लिखित और निशा वर्मा निर्देशित नाटक ‘पुरुष’ का बेहतरीन मंचन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।

नाटक की शुरूआत होती है अण्णा साहब आप्टे के घर से। जो एक आदर्श शिक्षक हैं, उनकी अपनी पत्नी तारा के साथ कुछ वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन वह हमेशा उनका साथ देती है। अण्णा की बेटी अंबिका एक स्कूल में पढ़ाती है। उसका एक दोस्त है सिद्धार्थ, जो दलितों के हक की लड़ाई लड़ता है। तभी नाटक में प्रवेश होता है बाहुबली नेता गुलाबराय जाधव का, जिसके काले-कारनामों को कई बार अंबिका सबके सामने उजागर कर चुकी है। गुलाबराय अंबिका से बदला लेने के लिए उसको धोखे से डाक बंगले में बुलाकर बलात्कार कर देता है। यह सदमा अंबिका की मां तारा बर्दाश्त नहीं कर पाती और आत्महत्या कर लेती है। बिगड़ते हालात में अंबिका सिद्धार्थ का भी साथ छोड़ देती है। अब अंबिका को अपने संघर्ष की लड़ाई अकेले लड़नी है और वह गुलाबराव को जीवन भर याद रखने वाला सबक सिखाती है।

नाटक के अंतिम दृश्य में अंबिका पुलिस को फोन करती है। इंस्पेक्टर गॉडगिल पूछते हैं  ‘क्या तुमने गुलाब राव को मार डाला। अंबिका कहती है नहीं, मैंने उसका पुरुषत्व हमेशा हमेशा के लिए खत्म कर डाला।’ इसी के साथ नाटक का पटाक्षेप होता है।

नाटक में महेंद्र धुरिया, राजीव तिवारी, जोली घोष, आनामिका जायसवाल, दीपिका सिंह, स्वयं कुमार, मनोहर सुखेजा, अनिल गौड़, अनिल निगम, महेश जायसवाल, सम्राट यादव, विजय भास्कर व धीरेंद्र ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई। प्रस्तुति नियंत्रक व सहायक निर्देशक डा. ओमेंद्र कुमार थे। संगीत सिरीष सिन्हा व सलाहकार निर्देशक कृष्णा सक्सेना थे। मंचन के दौरान दर्पण सभागार कलाप्रेमी दर्शकों से भरा रहा।

ध्यान रहे महोत्सव की शुरुआत कल जोधपुर की नाट्य प्रस्तुति ”जी जैसी आपकी मर्जी “ (लेखक नादिरा बब्बर, निर्देशक डा. विकास कपूर) से हुई।

 

 

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