उरई। जालौन पुलिस पर जमीनी विवाद में एक पक्ष से मिली भगत करके अदालती आदेश की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया गया है।

कस्बा जालौन के मोहल्ला बापू साहब निवासी पत्रकार आदित्य मिश्रा का मौजा भिटारा में जमीन को लेकर रामनगर उरई के रामदर्शन, सुरेश तिवारी व लला तिवारी आदि से विवाद चल रहा है। जिसके संबंध में मुकदमा राजस्व परिषद इलाहाबाद और जिला जज जालौन की अदालत में लंबित है। अदालतों ने दोनों पक्षों को यथा स्थिति बनाये रखने का अंतिम आदेश पारित कर रखा है।

इसे लेकर आदित्य मिश्रा जालौन के प्रभारी निरीक्षक विनोद मिश्रा से मिले थे और उन्हें दूसरे पक्ष द्वारा विवादित जमीन पर कब्जे के लिए संभावित कदम उठाने के बाबत अवगत कराया था। जिस पर प्रभारी निरीक्षक ने तत्काल उनके साथ मौके पर फोर्स भेजा और दूसरे पक्ष को आगाह करवाया। आदित्य मिश्रा का आरोप है कि लेकिन बाद में जब उनकी दूसरे पक्ष से सेटिंग हो गई तो उनका रुख बदल गया।

इस बीच पुलिस की शह से दूसरे पक्ष ने विवादित जमीन पर कब्जे के लिए वृक्षारोपण करा दिया जिसकी शिकायत की कोई सुनवाई प्रभारी निरीक्षक ने नही की। उल्टे आदित्य मिश्रा को ही कोतवली बुलवाकर जबरन एक कागज पर उनसे हस्ताक्षर करा लिये। इस अन्याय को लेकर आदित्य मिश्रा ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से भेंट की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को यह भी बताया कि फालिज मार जाने की वजह से वे शारीरिक तौर पर भी अशक्त हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस अमानवीयता का परिचय देने से बाज नही आ रही।

पुलिस अधीक्षक ने उनकी बात सुनने के बाद कहा कि उनकी हमदर्दी साथ है और इस मामले में पुलिस के स्तर से न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

 

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