उरई। उरई नगर पालिका के अध्यक्ष पद की प्रतिष्ठापूर्ण लड़ाई में स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए अनिल बहुगुणा ने रहस्योदघाटन किया है कि उन्होंने भाजपा के उच्च नेतृत्व की पहले से ही मौन स्वीकृति चुनाव लड़ने के लिए प्राप्त कर ली थी। निर्वाचित होने के बाद भी उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से भेंट हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा ने उनको निष्काषित भी नही किया है और वे भाजपा के नेता की हैसियत से ही पालिकाध्यक्ष के दायित्व का निर्वाह करेगें।

शनिवार को एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अनिल बहुगुणा ने भाजपा और अपने संबंधों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने पर जब उन्होंने स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया तो उनके पास प्रदेश नेतृत्व का फोन उम्मीदवारी वापस लेने के लिए आया था। उन्होंने कहा कि इस पर प्रदेश नेतृत्व को उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उनका पीछे हटना संभव नही है। लेकिन चाहे घोषित प्रत्याशी जीते या वे उरई नगर पालिका का अध्यक्ष भाजपा का ही होगा। इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने उन्हें स्वतंत्र चुनाव लड़ने की मूक सहमति दे दी और इसीलिए उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई चुनाव के दौरान नही की गई।

अनिल बहुगुणा ने बताया कि वे निर्वाचित होने के बाद सबसे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेंद्र नाथ पांडेय से मिलने लखनऊ गये थे। उन्होंने श्री पांडेय का आशीर्वाद लिया और उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया। लेकिन उनको गुजरात जाना पड़ गया इसलिए वे समय नही दे सके। अलबत्ता उन्होंने सिकंदरा विधानसभा उपचुनाव में पार्टी का काम देखने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। जिसका वे निर्वाह करेगें।

बहुगुणा ने कहा कि उनकी जीत में सभी वर्गों का सहयोग व समर्थन है। इसलिए वे हर वार्ड में जाकर हर जाति, वर्ग के लोगों का आभार प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान की गई घोषणाओं पर अमल का भरोसा दिलाया। कहा कि रामकुंड और माहिल तालाब का सुंदरीकरण व क्लीन ग्रीन शहर बनाने का संकल्प उनकी प्राथमिकता में रहेगा।

 

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