उरई। संसाधनों के अभाव में पर्याप्त व्यवस्थायें नही हो पाती जिससे गरीबों को गरिमामय जीवन के अवसर से वंचित होना पड़ता है। मानवाधिकारों के हनन का यह सबसे प्रमुख कारण है।
यह बात रविवार को गांधी इंटर काॅलेज के पंत हाल में मानवाधिकार और कर्तव्य विषय पर आयोजित गोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जनपद के पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कही। गोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। कार्यक्रम का संचालन अरुणा सक्सेना ने किया जबकि अध्यक्षता गांधी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. रविशंकर अग्रवाल ने की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर जिलाधिकारी आरके सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि जो व्यवहार खुद के साथ होने पर बुरा लगे उसे दूसरे के साथ नही किया जाना चाहिए। मानवाधिकार की सबसे बड़ी यही परिभाषा है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशीलता से ही मानवाधिकारों का संरक्षण संभव है।
गोष्ठी में कवियित्री और प्रख्यात चिकित्सक डा. रेनू चंद्रा, रेडक्रास के सचिव युद्धवीर कंथरिया, डा. कुमारेंद्र सिंह सेंगर, डा. स्वयं प्रभा त्रिपाठी, अरुण तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। आभार संगठन के जिलाध्यक्ष डा. विकास चतुर्वेदी ने जताया।






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