कोंच-उरई । भारतीय किसान यूनियन का मानना है कि भाजपा ने विधान सभा चुनाव से पूर्व जो संकल्प पत्र जारी किया था उस पर अमल करने का वक्त आ गया है, सरकार द्वारा किसानों की फसल लागत मूल्य में पचास फीसदी जोड़ कर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का अपना वायदा पूरा किया जाना चाहिये और जो भी व्यापारी या अन्य क्रय एजेंसी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर जिंसों की खरीद करे उसे अपराध की श्रेणी में मान कर क्रेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाये। यह बात रविवार को गल्ला मंडी में आयोजित भाकियू की मासिक पंचायत के दौरान किसानों द्वारा उठाई गई। राज्य सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढोत्तरी पर भी किसान संगठन खिन्न दिखा और आगामी 15 दिसंबर को तहसील स्तरीय धरना देने का फैसला लिया गया।

गल्ला मंडी में भाकियू की मासिक पंचायत रविवार को पूर्व प्रधानाचार्य रामबाबू निरंजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा के बाद एक ज्ञापन एसडीएम को दिया गया जिसमें समस्याओं के निदान की मांग की गई। पंचायत में आज एक बार फिर अन्ना मवेशियों की समस्या सामने आई जिनमें अन्ना प्रथा को लेकर यह भी कहा गया कि इस पर सरकार द्वारा कोरे आश्वासन दिये जा रहे हैं जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के जर्जर विद्युत तार एवं टूटेफूटे खंभों को बदले जाने, तहसील क्षेत्र के खराब पड़े नलकूप सं. 34 व 36 में वाटर लेबिल नीचे खिसक जाने के कारण पानी नहीं आने, नलकूप सं. 94 मौजा दिरावटी में दोनों पाइप लाइनें बंद पड़े होने की समस्यायें भी सामने आईं। किसानों ने यह भी कहा कि जिले में कृषि विभाग व उद्यान विभाग द्वारा किसानों को स्प्रिंकलर सेट अनुदान पर वितरित किये जा रहे हैं जिसमें संबंधित डीलर फाइल स्वीकृत कराने के नाम पर 25 फसदी तक सुविधा शुल्क ले रहे हैं, इस स्थिति को खत्म कराया जाये। इस दौरान डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, ब्रजेश राजपूत, चतुरसिंह कैथी, श्यामसुंदर पुजारी, रामकुमार, राजू गढर, भगवानदास, रामलखन इटा, डॉ. पीडी निरंजन, जगतसिंह, शंभूदयाल, लाल कुंवरपुरा, जयराम, रामसिंह, मानसिंह, प्रमोद, रामस्वरूप, ब्रजराज, सतीशचंद्र, कुंजविहारी, प्रतापसिंह, शालिगराम, रामनरेश, श्यामकरण, रामसिंह सिमिरिया, रामशरण, सुशीलकुमार, मानसिंह पाल आदि मौजूद रहे।

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