
उरई। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में गत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जो इस वर्ष प्रारम्भ की जा रही है के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुई। जिसमे शासन द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों से सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को अवगत कराकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहाकि उत्तर प्र्रदेश सरकार की यह योजना समस्त वर्गों के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु सामूहिक विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारम्भ की जा रही है। इसमे उ.प्र. के मुल निवासी ऐसे अभिभावक योजनान्तर्गत पात्र होंगे जो निराश्रित निर्धन व जरूरत भेद हो गरीबी रेखा की सीमा के अन्तर्गत हो तथा उनकी पुत्री की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो। विवाह कार्यक्रम के आयोजन हेतु नगरीय निकाय क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत तथा शासकीय अर्धशासकीय संस्थायें एवं स्वैच्छिक संस्थायें (एनजीओ) अधिकृत है इनके यहां ही विवाह हेतु आवेदन तथा पंजीकरण कराना होगा। विवाह हेतु एक जोड़े पर समाज कल्याण विभाग से 35000 रू. जिसमें 20000 रू. कन्या के खाते में, 10000 रू. विवाह संस्कार की सामग्री हेतु तथा 5000 रू. कार्यक्रम आयोजन में होने वाले व्यय हेतु धनराशि व्यय की जायेगी। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए न्यूनतम दस जोड़ो का होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की सफलता हेतु समस्त उपजिलाधिकारियों खण्ड विकास अधिकारियों तथा समस्त अधिशासी अधिकारियों, नगर पालिका परिषदों तथा नगर पंचायतों को कड़े निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक गुलाब चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र नाथ तिवारी समस्त उपजिलाधिकारी, अधिशासी अधिकारियों जिला समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।







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