कालपी(उरई )।  कालपी तहसील अंतर्गत नलकूप उपखंड तृतीय कदौरा एवं चतुर्थ कालपी महेबा क्षेत्र में स्थापित सरकारी नलकूप उपकरण विहीन होने से जहां आये दिन नलकूप खराब हो रहे है वहीं किसी भी समय चालक किसानों की दर्दनाक मौत होने का खतरा बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार कालपी तहसील अंतर्गत करीब तीन सैकड़ा सरकारी नलकूप स्थापित है जिनके जिम्मे महेबा एवं कदौरा क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि है। शासन द्वारा स्थापित सरकारी नलकूप जिसमें अधिकांश नलकूप महत्वपूर्ण उपकरण जिसमें स्टार्टर, टीवी स्विच बोल्टमीटर और एम्पियर मीटर आदि शामिल है के विहीन होने के कारण आये दिन नलकूप विद्युत और यांत्रिकी दोष के कारण खराब होकर किसानों की बर्बादी का कारण बनते जा रहे है और विभागीय अधिकारी मौज मार रहे है।

विभागीय सूत्रों से पता चला है कि शासन से प्रतिवर्ष बीस हजार रुपये का धन उपलब्ध होता है इसके बाद भी नलकूपों का उपकरण विहीन संचालित रहना किसानों का दुर्भाग्य बन चुका है और आज स्थिति यह है कि तमाम नलकूप बंद पड़े है और उनको देखने वाला कोई नही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि खराब नलकूपों को ठीक कराने का जिम्मा विभाग का है लेकिन विभागीय अधिकारी मात्र औपचारिता पूर्ण कर धन कमाने की होड़ लगाये है तथा अधिकारियों की लापरवाही किसानों की बर्बादी बन चुकी है। उपकरण विहीन नलकूपों का ज्वलंत उदाहरण यहां यह है कि नलकूप संख्या 167 मंगरौल जिसमें स्टार्टर में हैंडिल नही है जिसके कारण नलकूप बंद है और हैंडिल के अभाव में नलकूप चालक को मौत का खतरा बना हुआ है जिसकी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारी एक्सईएन हरनारायण आदि को भी है। लेकिन उक्त ज्वलंत समस्या के प्रति चालक मिस्त्री जेई के साथ अधिकारी भी गंभीर न रहकर शायद किसी किसान की मौत का इंतजार कर रहे है। यही हाल क्षेत्र के अधिकांश नकूलपों का है जहां नलकूप सिर्फ भगवान भरोसे घिसट रहे है नलकूपों को देखने वाला कोई नही है। अधिकांश नलकूपों का संचालन किसान कर रहे है तथा जेई महेबा भरद्वार का लापरवाही में कोई जोड़ नही है। क्षेत्रीय किसानों ने जिलाधिकारी जालौन डा. मन्नान अख्तर से जनहित में मांग की है कि तत्काल नलकूपों को उपकरणों से सुसज्जित करवाकर किसानों को राहत दिलवाये।

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