उरई। महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शासन/प्रशासन के उच्चाधिकारियों की अनदेखी के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। महेबा ब्लाक में सिरसाकलार से बाबई तक इस योजना के तहत बनी सड़ी तीन वर्ष में ही दुर्दशा ग्रस्त होकर गड़बड़ी की खुली गवाही दे रही है।

5 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से 10 किलोमीटर लंबाई की यह सड़क 2014 में निर्मित कराई गई थी। इस सड़क से उरई-जालौन-चुर्खी के अलावा एक दर्जन प्रमुख गांवों में आवागमन होता है। जिसकी वजह से यह जिले की व्यस्ततम सड़कों में शुमार है। फिर भी निर्माण के समय से ही इसकी गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ पर लोगों के ध्यानाकर्षित करने के बावजूद अधिकारियों ने गौर करने की जहमत नही उठाई।

यही वजह है कि ठेकेदार ने कार्य कराने में मनमानी की। पुलियों से घटिया क्वालिटी के गुम्मे उखड़वाकर बिछवा दिये गये जिसका लोगों ने जमकर विरोध भी किया था फिर भी कोई कार्रवाई नही हुई। नतीजतन सड़क निर्माण पूरा होने के पहले ही उखड़ना शुरू हो गई थी।

अब तो हालत यह हो चुकी है कि सड़क में कदम-कदम पर गहरे गडढे हो गये हैं। जिसकी वजह से आये दिन वाहन दुर्घटना ग्रस्त होते रहते हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में सड़क के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है लेकिन ठेकेदार पर इसके बाद भी आज तक गडढा भरवाने के लिए दबाव नही बनाया गया है। हालांकि मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि उक्त सड़क की दुर्दशा उनके संज्ञान में नही है। लोक निर्माण विभाग के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क डिवीजन के जिम्मेदारों से बात करके वे सड़क की हालत दुरुस्त करायेगें।

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